मदीना की मस्जिद-ए-नबवी के आंगन में एक इंडोनेशियाई तीर्थयात्री की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उनकी धड़कनें रुक गईं. ऐसे मुश्किल समय में सऊदी रेड क्रिसेंट की टीम ने तेजी दिखाते हुए उनकी जान बचा ली. यह घटना रमजान के दौरान हुई, जहाँ समय पर मिली मदद ने एक इंसान की जिंदगी वापस लौटा दी.
मस्जिद-ए-नबवी में क्या हुआ था
मदीना में सऊदी रेड क्रिसेंट अथॉरिटी के डायरेक्टर जनरल Dr. Ahmed bin Ali Al-Zahrani ने इस घटना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 3 मार्च 2026 की शाम करीब 7:15 बजे मेडिकल रिलोकेशन सेंटर को एक इमरजेंसी कॉल मिली. मग्रिब की नमाज के तुरंत बाद मस्जिद के आंगन में एक इंडोनेशियाई तीर्थयात्री की हालत बहुत गंभीर हो गई थी और उनकी सांसें और दिल की धड़कन बंद हो चुकी थी.
रेड क्रिसेंट की टीम ने कैसे की मदद
- तेजी से पहुंचे: इमरजेंसी कॉल मिलने के बाद विशेषज्ञ एम्बुलेंस टीम मात्र 2 मिनट और 56 सेकंड में मौके पर पहुंच गई.
- इलाज: पैरामेडिक्स ने मरीज की जांच की और तुरंत CPR शुरू किया. उन्होंने एडवांस मेडिकल उपकरणों का इस्तेमाल कर तीर्थयात्री को पुनर्जीवित किया.
- अस्पताल ट्रांसफर: मौके पर प्राथमिक उपचार के बाद तीर्थयात्री की स्थिति स्थिर हुई, जिसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए Al-Salam Hospital ले जाया गया.
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह घटना कब और कहां हुई थी
यह घटना 3 मार्च 2026 को सोमवार शाम मदीना की मस्जिद-ए-नबवी के आंगन में मग्रिब की नमाज के बाद हुई थी.
तीर्थयात्री की जान कैसे बचाई गई
सऊदी रेड क्रिसेंट की टीम ने मौके पर पहुंचकर CPR और एडवांस मेडिकल मशीनों के जरिए तीर्थयात्री की रुकी हुई धड़कनें वापस लाईं.