लाल सागर और अरब की खाड़ी में सुरक्षा को लेकर तनाव बढ़ गया है। बुधवार, 22 जुलाई 2026 को सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने ग्रीस के विदेश मंत्री जियोर्जोस गेरापेट्रिटिस से फोन पर बात की। दोनों देशों ने समुद्र में आने-जाने वाले जहाजों की सुरक्षा पर जोर दिया और इन महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने की बात कही। यह चर्चा ऐसे समय में हुई है जब Houthi मिलिशिया ने सऊदी अरब के तेल टैंकरों को निशाना बनाने की धमकी दी है।
Houthi धमकी का असर
21 जुलाई 2026 को Houthi मिलिशिया ने सऊदी अरब के लिए समुद्री जहाजों के आने-जाने पर रोक लगाने का ऐलान किया था। इस धमकी के बाद, 22 जुलाई को सऊदी के दो तेल टैंकरों ने अपना रास्ता बदल दिया। ये जहाज अब बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के बजाय स्वेज नहर की तरफ मुड़ गए हैं। व्यापारिक जहाजों के रूट बदलने का यह पहला पक्का मामला सामने आया है।
सऊदी अरब और GCC का कड़ा रुख
सऊदी अरब ने इस धमकी की कड़ी निंदा की है और कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा। GCC के महासचिव जासेम अल-बुदैवी ने इस पर नाराजगी जताते हुए ईरान के व्यवहार को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कड़ा रुख अपनाने की अपील की। कतर, कुवैत और जॉर्डन ने भी इस घटना पर चिंता जाहिर की है। प्रिंस फैसल ने अलग से इटली और स्पेन के विदेश मंत्रियों से भी इस मुद्दे पर बातचीत की है और बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण समाधान की बात कही है।
