सऊदी अरब में भारी मशीनरी और बड़े सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने वालों के लिए बड़ी खबर है। General Authority for Roads ने साल 2026 की पहली तिमाही में 16 हजार से ज्यादा परमिट जारी किए हैं। इस कदम से ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स के काम में तेजी आई है और सड़कों पर सुरक्षा भी बढ़ी है।

परमिट और यात्रा का पूरा हिसाब-किताब क्या है?

रोड अथॉरिटी ने बताया कि साल 2026 के शुरुआती तीन महीनों में कुल परमिट्स की संख्या 16 हजार के पार पहुंच गई। इसमें अलग-अलग तरह के काम शामिल थे जिन्हें डिजिटल तरीके से मैनेज किया गया:

  • भारी सामान (Exceptional Loads): इसके लिए 15,297 परमिट दिए गए, जिनके जरिए कुल 72 लाख किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय किया गया।
  • खुदाई का काम (Excavation Works): सड़क किनारे खुदाई के लिए 767 परमिट जारी हुए, जो 1,960 किलोमीटर के दायरे में थे।
  • प्रोजेक्ट विस्तार: पुराने प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए 26 परमिट दिए गए।

भारी सामान ले जाने के नियम और फीस क्या है?

सऊदी सरकार ने इन परमिट्स के लिए एक तय फीस सिस्टम बनाया है ताकि सड़कों के इंफ्रास्ट्रक्चर को बचाया जा सके। इसकी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:

विवरण फीस (सऊदी रियाल)
एप्लीकेशन फीस 50 SAR
अतिरिक्त वजन (प्रति टन) 10 SAR
अतिरिक्त लंबाई (प्रति मीटर) 5 SAR

इन परमिट्स को अब डिजिटल चैनल के जरिए जारी किया जा रहा है। साथ ही, GIS सिस्टम का इस्तेमाल करके रास्तों की सटीक प्लानिंग की जाती है ताकि ट्रैफिक में दिक्कत न हो। यह नियम उन कंपनियों के लिए बहुत मददगार है जो भारी उपकरण और निर्माण सामग्री का ट्रांसपोर्ट करती हैं।

सऊदी रोड अथॉरिटी का बड़ा लक्ष्य क्या है?

General Authority for Roads का मकसद सऊदी अरब की सड़कों की क्वालिटी को दुनिया में छठे नंबर पर लाना है। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम किया जाए। इसके लिए वजन मापने वाले स्टेशनों (Weight Stations) पर कड़ी निगरानी रखी जाती है ताकि कोई भी गाड़ी तय सीमा से ज्यादा वजन लेकर न चले और सड़क सुरक्षित रहे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Exceptional Load परमिट किसे लेना होता है?

जिन गाड़ियों का वजन या साइज सऊदी रोड कोड के स्टैंडर्ड से ज्यादा होता है, उन्हें यह स्पेशल परमिट लेना जरूरी है ताकि सड़क सुरक्षा बनी रहे।

परमिट मिलने के बाद भी क्या जांच होती है?

हां, रोड नेटवर्क पर लगे वेट स्टेशनों के जरिए यह चेक किया जाता है कि गाड़ी नियमों का पालन कर रही है या नहीं, ताकि ओवरलोडिंग को रोका जा सके।