सऊदी अरब में एक बड़ा फैसला लिया गया है। राजा सलमान बिन अब्दुलअजीज ने इंजीनियर खालिद बिन मोहम्मद अल-सलेम के कार्यकाल को 4 साल के लिए बढ़ा दिया है। वह अब अगले चार साल तक जुबैल और यनबू रॉयल कमीशन (RCJY) के अध्यक्ष बने रहेंगे। उन्हें मंत्री का दर्जा भी दिया गया है।

खालिद अल-सलेम कौन हैं और उनकी क्या भूमिका है?

इंजीनियर खालिद अल-सलेम मई 2022 से RCJY के अध्यक्ष हैं और उनके पास औद्योगिक और सरकारी क्षेत्रों में 31 साल से ज़्यादा का अनुभव है। वह सऊदी अरब के चार बड़े औद्योगिक शहरों का प्रबंधन देखते हैं जिनमें जुबैल, यनबू, रस अल-खैर और जाज़ान शामिल हैं। इसके अलावा वह दो स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन की देखरेख भी करते हैं जो 2175 वर्ग किलोमीटर से ज़्यादा इलाके में फैले हुए हैं।

औद्योगिक शहरों में निवेश और रोजगार पर क्या असर होगा?

रॉयल कमीशन ने जानकारी दी कि साल 2025 के अंत तक इन औद्योगिक शहरों में कुल निवेश 1.5 ट्रिलियन सऊदी रियाल के पार पहुंच गया है। आर्थिक जानकारों का मानना है कि नेतृत्व में स्थिरता आने से ग्लोबल कंपनियां सऊदी अरब में निवेश करने के लिए ज़्यादा आगे आएंगी। इससे आने वाले समय में स्थानीय लोगों और योग्य पेशेवरों के लिए नौकरी के नए और बेहतर मौके पैदा होंगे।

RCJY का मुख्य काम क्या है?

इस कमीशन की स्थापना 1975 में हुई थी ताकि जुबैल और यनबू जैसे शहरों को दुनिया के बड़े औद्योगिक केंद्रों में बदला जा सके। वर्तमान में यह नेशनल इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट और लॉजिस्टिक्स प्रोग्राम (NIDLP) के साथ मिलकर काम करता है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के औद्योगिक ढांचे को मजबूत करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सऊदी अरब की पकड़ बनाना है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.