रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में चल रहे बड़े आर्थिक मंच (SPIEF) के बीच सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री ने एक बड़ा ऐलान किया है। सऊदी अरब और रूस के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में 30 नए साझा समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस बड़े इवेंट में सऊदी अरब को विशेष अतिथि का दर्जा मिला है और दोनों देश कई अहम मुद्दों पर मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।
सऊदी अरब और रूस के बीच किन क्षेत्रों में हुए समझौते?
सऊदी अरब और रूस के बीच यह साझेदारी कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर करती है। दोनों देशों के बीच हुए समझौतों में ऊर्जा, निवेश, उद्योग, डिजिटल अर्थव्यवस्था और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर शामिल हैं। दोनों देश इन क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे:
- तेल और गैस उत्पादन और रिफाइनरी क्षेत्र में सहयोग
- परमाणु ऊर्जा और बिजली सेक्टर में नई योजनाएं
- बुनियादी ढांचा विकास और निवेश के नए रास्ते
- डिजिटल अर्थव्यवस्था और तकनीक का आदान-प्रदान
रूस और सऊदी अरब के संबंधों में क्या नए बदलाव आए हैं?
सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम 2026 में सऊदी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इस सहयोग को दोनों देशों के बीच 100 साल के राजनयिक संबंधों के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा, इस मंच के आयोजन से करीब 20 दिन पहले ही दोनों देशों के बीच वीजा छूट समझौता भी लागू हुआ है और रूसी एयरलाइंस सऊदी अरब के कई शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की तैयारी में हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब और रूस के बीच समझौते किस कार्यक्रम के दौरान हुए?
यह समझौते सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) 2026 के दौरान हुए हैं, जो 3 से 6 जून 2026 तक आयोजित किया गया है।
दोनों देशों के बीच यात्रा को लेकर क्या नया अपडेट है?
फोरम से लगभग 20 दिन पहले दोनों देशों के बीच पारस्परिक वीजा छूट समझौता लागू हो चुका है और जल्द ही रूसी विमान कंपनियां सऊदी के शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करेंगी।
