सऊदी अरब में लीजऺpos; पर गाड़ी लेने वालों और फाइनूंस कंपनियों के लिए एक बड़ी खबर ाई है। सऊदी चेंट्रल बूंक (SAMA) थे एक नया निर्देश जारी किया है। इसके तहत, अगार लीजऺpos; वाली गाड़ी किसी हादसे में पूरी तरह बर्बाद (Total Loss) हो जाती है, तो इसके नुकसान का आकलन केवल ताकीम (Taqeem) से लाइसेंस प्राप्त फर्मों की रिपोर्ट के आधार पर ही किया जाएगा। SAMA ने देश के सभी बूंकों और फाइनूंस कंपनियों को सर्कुलर भेजकर इस नियम का पालन करने को कहा है।

सऊदी चेंट्रल बूंक (SAMA) का यह निर्देश क्यों है जरूरी?

सऊदी चेंट्रल बूंक ने अपने सर्कुलर में साफ किया है कि लीज वाली गाड़ी के नुकसाम के आकलन के लिए केवल Taqeem (Saudi Authority for Accredited Valuers) के द्वारा लाइसेंस प्राप्त फर्मों की रिपोर्ट को ही मान्यता दी जाएगा। यह कदम फाइनेंशियल लीजिंग कानून के आर्टिकल २४ को सही तरह से लागू करने के लिए जरूरी है। इस कानून के तहत, गाड़ी के पूरी तरह नष्ट होने पर लीज कॉन्ट्रैक्ट को खत्म किया जाता है। अब इसके लिए आधिकारिक रिपोर्ट का मिलान करना जरूरी कर दिया गया है।

ग्राहकों को कैसे मिलेगा इसका फायदा?

इस नये नियम से गाड़ी लीज पर लेने वाले ग्राहकों, जिनमें भारतीय प्रवासी भी शामिल हैं, उन्हें काफी राहत मिलेगी। अक्सर हादसे के बाद नुकसाम के आकलन को लेकर बूंक और ग्राहक के बीच मतभेद होते थे। अब लाइसेंस प्राप्त फर्म की रिपोर्ट जरूरी होने से मूल्यांकन बिलकुल फेयर होगा। सऊदी चेंट्रल बूंक का मानना है कि इस नियम से ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा होगी और इंश्योरेंस के लेन-देन में पारदर्शिता आएगी। सऊदी अरब में साल २८१७ में ताकीम ने तकदीर सेंटर्स (Taqdeer Centers) की शुर्आत की थी, जिसका मकसद ही गाड़ियों के नुकसाम का सही आकलन करना है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या लीज वाली गाड़ी के नष्ट होने पर लीज कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो जाता है?

हां, फाइनेंशियल लीजिंग कानून के आर्टिकल ७b५ के तहत गाड़ी के पूरी तरह खराब होने पर कॉन्ट्रैक्ट खत्म किया जा सकता है और अब इसके लिए ताकीम की रिपोर्ट चेक करना जरूरी होगा।

ताकीम (Taqeem) का गाड़ी एक्सीडेंट मूल्यांकन में क्या रोल है?

ताकीम सऊदी अरब की सरकारी अथॉरिटी है जो वाहन नुकसान मूल्यांकन करने वाली कंपनियों को लाइसेंस देती है ताकि ग्राहकों को सही क्लेम मिल सके।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.