सऊदी डेटा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी (SDAIA) ने हज सीजन 1447 हिजरी (2026) के लिए मोबाइल ऑपरेशन्स सेंटर (MOCs) को एक्टिव कर दिया है। यह कदम हज यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए उठाया गया है। इन मोबाइल सेंटर्स के जरिए सरकारी विभागों को जमीन पर काम करने में बड़ी मदद मिलेगी। आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तीर्थयात्रियों को बेहतर सेवाएं दी जा सकेंगी।

हाई-टेक मोबाइल ऑपरेशन्स सेंटर की क्या हैं खूबियां?

इन मोबाइल ऑपरेशन्स सेंटर्स में डेटा एनालिसिस और स्मार्ट कैमरों जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। इसके जरिए ग्राउंड पर हो रही गतिविधियों की पल-पल की जानकारी सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी। SDAIA और अन्य सरकारी विभाग रियल-टाइम डेटा देखकर तुरंत फैसले ले सकेंगे। इससे भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को संभालने में काफी आसानी होगी। यह पहल सऊदी विजन 2030 और पिलग्रिम एक्सपीरियंस प्रोग्राम के उद्देश्यों के तहत शुरू की गई है।

Makkah Route पहल और सरकारी विभागों का तालमेल

SDAIA के आधिकारिक प्रवक्ता माजिद अल-शहरी ने बताया कि यह अथॉरिटी गृह मंत्रालय की “मक्का रूट” (Makkah Route) पहल को भी पूरा सहयोग दे रही है। इसके तहत दुनिया के 10 देशों के 17 अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर तकनीकी सेवाएं दी जा रही हैं। पासपोर्ट महानिदेशालय भी तीर्थयात्रियों के प्रवेश को आसान बनाने के लिए मोबाइल काउंटर उपकरणों जैसी तकनीक का उपयोग कर रहा है। इससे हज यात्रियों को बिना किसी देरी के जरूरी क्लीयरेंस मिल सकेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हज 2026 के लिए सऊदी अरब ने क्या नई तकनीक लागू की है?

सऊदी डेटा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी (SDAIA) ने हज सीजन 1447 हिजरी के लिए मोबाइल ऑपरेशन्स सेंटर (MOCs) एक्टिव किए हैं, जो AI और रियल-टाइम डेटा का उपयोग करते हैं।

मक्का रूट पहल से हज यात्रियों को क्या फायदा मिलेगा?

मक्का रूट पहल के जरिए 10 देशों के 17 अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स पर तकनीकी सुविधाएं दी जा रही हैं, जिससे हज यात्रियों के पासपोर्ट और इमिग्रेशन की प्रक्रिया बेहद आसान और तेज हो जाएगी।