Saudi Arabia: सऊदी सरकार का बड़ा कदम, 87 से ज्यादा सरकारी विभागों में शुरू हुआ इब्राम डिजिटल प्लेटफॉर्म

Nura Basta11 August 20262 min read65 viewsSaudi
Saudi Arabia: सऊदी सरकार का बड़ा कदम, 87 से ज्यादा सरकारी विभागों में शुरू हुआ इब्राम डिजिटल प्लेटफॉर्म

सऊदी डेटा एंड एआई अथॉरिटी यानी SDAIA ने 10 अगस्त 2026 को अपने नए डिजिटल प्लेटफॉर्म इब्राम को लेकर बड़ी घोषणा की है। इस नई डिजिटल सेवा को सऊदी अरब के 87 से ज्यादा सरकारी विभागों में सक्रिय रूप से लागू कर दिया गया है। इस कदम से सरकारी संगठनों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों को डिजिटल रूप से दस्तावेज साइन और वेरीफाई करने में बहुत आसानी होगी। यह डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है जिससे कामकाज में तेजी आएगी।

इब्राम प्लेटफॉर्म की मुख्य विशेषताएं और सेवाएं

यह पूरा प्लेटफॉर्म सऊदी अरब के राष्ट्रीय डिजिटल प्रमाणन सिस्टम के तहत काम करता है जिसे आधिकारिक वेबसाइट ibram.nic.gov.sa पर जाकर एक्सेस किया जा सकता है। इस बारे में अधिक जानकारी सरकारी पोर्टल my.gov.sa से भी प्राप्त की जा सकती है। इब्राम मुख्य रूप से दो बड़ी सेवाएं देता है। पहली सेवा सरकारी संस्थाओं के लिए डिजिटल सील की है जिससे यह पता चलता है कि दस्तावेज किस विभाग ने जारी किया है और उसकी शुद्धता क्या है। दूसरी सेवा सरकारी कर्मचारियों के लिए डिजिटल सिग्नेचर की है जो कर्मचारी की पहचान को दस्तावेज के साथ सुरक्षित रूप से जोड़ती है।

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सऊदी अरब के ई-ट्रांजैक्शन कानून के मुताबिक इब्राम के जरिए किए जाने वाले डिजिटल हस्ताक्षर का कानूनी महत्व हाथ से किए गए हस्ताक्षर के बिल्कुल बराबर है। SDAIA ने इस प्लेटफॉर्म को डिजिटल पहचान का मानक स्तर घोषित किया है। इसका सीधा मतलब यह है कि जो प्राइवेट कंपनियां इन 87 से अधिक सरकारी विभागों के साथ काम करती हैं, उन्हें अपने सॉफ्टवेयर सिस्टम को इब्राम की प्रमाणीकरण प्रक्रिया के अनुकूल बनाना होगा ताकि काम में कोई रुकावट न आए।

विजन 2030 और पेपरलेस सरकार का लक्ष्य

सऊदी अधिकारियों के अनुसार इब्राम देश के डिजिटल बदलाव का एक बहुत जरूरी हिस्सा है। यह वहां की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और सरकारी सिस्टम को बेहतर करने में मदद करता है। इस प्लेटफॉर्म को लागू करने का मुख्य उद्देश्य सऊदी विजन 2030 के उस लक्ष्य को पूरा करना है जिसके तहत देश में पेपरलेस यानी बिना कागज वाली सरकारी अर्थव्यवस्था बनानी है। सरकार की रणनीति पहले सभी सरकारी विभागों में इसे अनिवार्य करने की है और उसके बाद प्राइवेट सेक्टर को भी नियमों के दायरे में लाकर जोड़ना है।

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