सऊदी अरब में अवैध तरीके से रह रहे प्रवासियों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने बड़ा अभियान चलाया है। पिछले एक हफ्ते के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में की गई छापेमारी में 14,242 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गृह मंत्रालय ने शनिवार को जानकारी दी कि यह गिरफ्तारियां 26 मार्च से 1 अप्रैल के बीच संयुक्त निरीक्षण अभियान के दौरान हुई हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
किन नियमों के तहत कितनी गिरफ्तारियां हुईं?
सऊदी सुरक्षा अधिकारियों ने अलग-अलग कानूनों के उल्लंघन के आधार पर लोगों को हिरासत में लिया है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य देश की सुरक्षा और लेबर मार्केट को व्यवस्थित करना है। गिरफ्तार किए गए लोगों का विवरण नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:
| उल्लंघन का प्रकार | गिरफ्तार लोगों की संख्या |
|---|---|
| रेजिडेंसी कानून (Iqama Law) | 7,884 |
| बॉर्डर सुरक्षा कानून | 3,948 |
| लेबर कानून (Labor Law) | 2,410 |
| अवैध तरीके से बॉर्डर पार करने की कोशिश | 1,449 |
| देश से बाहर भागने की कोशिश | 29 |
गिरफ्तार किए गए लोगों में से 23,815 प्रवासियों को उनके दूतावासों के पास भेजा गया है ताकि उनके यात्रा दस्तावेज तैयार किए जा सकें। इसके अलावा 6,285 लोगों को पहले ही सऊदी अरब से डिपोर्ट यानी उनके देश वापस भेज दिया गया है।
अवैध प्रवासियों की मदद करने वालों को मिलेगी भारी सजा
सऊदी गृह मंत्रालय ने जनता को चेतावनी दी है कि जो कोई भी अवैध प्रवासियों को ट्रांसपोर्ट, रहने की जगह या किसी भी तरह की मदद देगा, उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ऐसे लोगों के लिए 15 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा उन पर 10 लाख रियाल तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। उल्लंघन में इस्तेमाल की गई गाड़ियों और घरों को भी जब्त करने का नियम बनाया गया है।
- मक्का, रियाद और पूर्वी प्रांत में रहने वाले लोग किसी भी उल्लंघन की जानकारी 911 पर दे सकते हैं।
- देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले लोग 999 या 996 नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
- वर्तमान में 36,365 प्रवासियों पर कानूनी प्रक्रिया चल रही है, जिनमें 32,309 पुरुष और 4,056 महिलाएं शामिल हैं।
- अवैध रूप से घुसने की कोशिश करने वालों में 71 प्रतिशत इथियोपियाई और 27 प्रतिशत यमनी नागरिक पाए गए हैं।
