Saudi Food and Drug Authority (SFDA) के चीफ डॉ. हिशाम एस. अलजधे ने न्यूज़ीलैंड का दौरा किया है। उन्होंने वहां मीट फैक्ट्रियों का जायजा लिया और हलाल प्रक्रियाओं की बारीकी से जांच की। यह दौरा यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया कि सऊदी अरब आने वाला खाना पूरी तरह नियमों के मुताबिक हो और उसकी क्वालिटी सही रहे।

न्यूज़ीलैंड दौरे में क्या खास हुआ?

डॉ. हिशाम अलजधे ने 23 से 25 अप्रैल 2026 के बीच ऑकलैंड में ‘इंटरनेशनल हेड्स ऑफ फूड एजेंसीज फोरम’ (IHFAF) की सातवीं सालाना बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने New Zealand Food Safety के डिप्टी डायरेक्टर जनरल विंसेंट अरबकल के साथ मीटिंग की। इस मुलाकात में हलाल इकोसिस्टम को मजबूत करने और सही मानकों वाले प्रोडक्ट्स को ग्लोबल मार्केट तक आसानी से पहुंचाने के लिए नए प्लेटफॉर्म बनाने पर चर्चा हुई।

सऊदी अरब के हलाल नियम क्या कहते हैं?

सऊदी अरब में बाहर से आने वाले मीट और जानवरों से बने प्रोडक्ट्स के लिए बहुत सख्त नियम लागू हैं। SFDA.FD/GSO 2055-1 और SFDA.FD/GSO 993 नियमों के तहत हलाल सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। उन सभी प्रोडक्ट्स के लिए यह सर्टिफिकेट जरूरी है जिनमें जानवर की चर्बी, जिलेटिन, कोलेजन या एंजाइम का इस्तेमाल होता है। इन सर्टिफिकेट्स को जारी करने का काम Saudi Halal Center करता है।

भविष्य के लिए क्या तैयारी है?

डॉ. अलजधे ने एक साझा ग्लोबल हलाल मार्क की जरूरत पर जोर दिया है। उनका मानना है कि इससे दुनिया भर में हलाल अर्थव्यवस्था बढ़ेगी और ग्राहकों का भरोसा भी मजबूत होगा। उन्होंने फूड सेफ्टी को बेहतर बनाने के लिए विज्ञान आधारित फैसलों और पारदर्शी बातचीत को प्राथमिकता देने की बात कही है ताकि सप्लाई चेन में कोई रुकावट न आए।