सऊदी अरब में अब सोशल मीडिया चलाने के लिए उम्र की जांच करना जरूरी हो सकता है। शूरा काउंसिल ने इस बात पर जोर दिया है कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर कुछ सीमाएं तय की जाएं। इस कदम का मकसद बच्चों को इंटरनेट के खतरों से बचाना है।

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CST को नियम बनाने का निर्देश

शूरा काउंसिल ने कम्युनिकेशंस, स्पेस एंड टेक्नोलॉजी कमीशन (CST) से उम्र की जांच के लिए नए नियम बनाने को कहा है। यह सिफारिश 1 जुलाई 2026 को एक फैसले के जरिए की गई। इससे पहले 29 जून 2026 को भी ऐसी ही एक रिपोर्ट सामने आई थी। काउंसिल की ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशंस एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कमेटी ने इस पूरे मामले की समीक्षा की और फिर यह सुझाव दिया।

इस कमेटी के डिप्टी चेयरमैन इंजीनियर खालिद अल-बुरायक ने यह विचार रखे जिससे यह सिफारिश सामने आई। सरकार चाहती है कि बच्चों की उम्र जांचने का तरीका ज्यादा असरदार हो ताकि उन्हें गलत कंटेंट, डिजिटल शोषण और साइबर बुलिंग जैसे खतरों से बचाया जा सके।

बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ी तैयारी

बच्चों की सुरक्षा के लिए सऊदी अरब पहले से ही काम कर रहा है। मई 2026 में सऊदी जनरल अथॉरिटी फॉर मीडिया रेगुलेशन (Gmedia) और Meta ने मिलकर एक जागरूकता अभियान चलाया था। इसमें माता-पिता को ऐसे टूल्स के बारे में बताया गया जिससे वे बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर नजर रख सकें और उन्हें इंटरनेट की लत या गलत व्यवहार से बचा सकें।

दुनियाभर में बढ़ रहा है यह चलन

बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने या उनकी उम्र जांचने का चलन अब दुनिया के कई देशों में बढ़ रहा है। हाल ही में UAE ने भी एक नियम बनाया जिसमें सोशल मीडिया के लिए कम से कम उम्र 15 साल तय की गई। ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया जैसे देशों में भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए इसी तरह के सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं या उनकी तैयारी चल रही है।