सऊदी अरब की शूरा काउंसिल ने सेंट्रल बैंक (SAMA) को एक बड़ा सुझाव दिया है। अब देश की दुकानों और व्यापारिक केंद्रों को सभी तरह के डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसमें लोकल और इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड के साथ-साथ डिजिटल वॉलेट भी शामिल होंगे, ताकि ग्राहकों को भुगतान करने में कोई परेशानी न हो।

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दुकानों के लिए क्या है नया निर्देश

शूरा काउंसिल ने कहा है कि व्यावसायिक आउटलेट्स को केवल किसी एक पेमेंट तरीके तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें सभी मान्यता प्राप्त इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम को अपनाना होगा। इससे सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों और पर्यटकों को अपनी पसंद के कार्ड या वॉलेट से पेमेंट करने में आसानी होगी। यह कदम सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों के साथ जुड़ा है, जिसका मकसद कैश के इस्तेमाल को कम करना और डिजिटल लेनदेन को बढ़ाना है।

पेमेंट सिस्टम में बदलाव और नए नियम

SAMA ने पेमेंट सिस्टम और ऑपरेटर्स के लिए एक नया सुपरवाइजरी फ्रेमवर्क लागू किया है। इसका मकसद पेमेंट सिस्टम के वर्गीकरण को साफ करना और ऑपरेटर्स की जिम्मेदारियों को बढ़ाना है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस नए सिस्टम से रेगुलेटरी स्पष्टता आएगी और पेमेंट ऑपरेटर्स की जवाबदेही बढ़ेगी। सेंट्रल बैंक का लक्ष्य वित्तीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है ताकि इनोवेशन और सुरक्षा दोनों बनी रहें।

डिजिटल ट्रांजेक्शन और फिनटेक का डेटा

सऊदी अरब में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल बहुत तेज़ी से बढ़ा है। साल 2025 तक रिटेल पेमेंट का एक बड़ा हिस्सा इलेक्ट्रॉनिक हो चुका है। इसके साथ ही देश में फिनटेक कंपनियों की संख्या में भी भारी इजाफा हुआ है।

विवरण आंकड़ा / समय
ई-पेमेंट प्रतिशत (2024) 79%
ई-पेमेंट प्रतिशत (2025) 85%
कुल इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजेक्शन (2024) 12.6 बिलियन
कुल इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजेक्शन (2025) 14.6 बिलियन
लाइसेंस प्राप्त फिनटेक फर्में (2024) 200 से अधिक
ओपन बैंकिंग फ्रेमवर्क लॉन्च नवंबर 2022
ओपन बैंकिंग लैब की स्थापना दिसंबर 2022
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.