Saudi Shura Council ने स्वास्थ्य मंत्रालय से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैल रही गलत स्वास्थ्य जानकारियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। 15 जुलाई 2026 को जारी इस निर्देश का मुख्य मकसद लोगों को ऑनलाइन मिलने वाली भ्रामक जानकारी से बचाना और उन्हें सही स्वास्थ्य सलाह के प्रति जागरूक करना है। हाल ही में हुए एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि लगभग 90% फार्मासिस्ट अपने मरीजों को इंटरनेट से मिली गलत जानकारी के असर में पाते हैं।

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सख्त सरकारी निगरानी

सऊदी अरब सरकार स्वास्थ्य संबंधी भ्रामक जानकारी को रोकने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। Saudi Food and Drug Authority (SFDA) ने 11 अगस्त 2025 को डिजिटल हेल्थ उत्पादों के लिए स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की थी, जिसमें कंपनियों को अपनी मेडिकल मार्केटिंग के बारे में जानकारी देना अनिवार्य किया गया है। वहीं, General Authority for Media Regulation (GAMR) ने 24 सितंबर 2025 से कंटेंट क्रिएटर्स के लिए नियम लागू किए हैं, जिसके तहत गलत जानकारी फैलाने पर जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा, SDAIA ने 8 मई 2026 को डीपफेक को लेकर भी सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय की सतर्कता

स्वास्थ्य मंत्रालय ने गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया है। मंत्रालय ने 9-10 जुलाई 2026 को एक फर्जी ‘Asia Medical City’ प्रोजेक्ट का दावा खारिज किया और इसमें शामिल डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की है। मंत्रालय ने लोगों को सलाह दी है कि वे किसी भी अनचाहे डाइट प्लान या सलाह पर भरोसा न करें। स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए लोग मंत्रालय के ‘Live Healthy’ प्लेटफॉर्म या 937 कॉल सेंटर का उपयोग करें। साथ ही, 1 जुलाई 2026 को Communications, Space and Technology Commission (CST) से सोशल मीडिया पर 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए उम्र सत्यापन के नियम बनाने की भी मांग की गई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.