सऊदी अरब और सिंगापुर के विदेश मंत्रियों की जेद्दा में एक अहम मुलाकात हुई। दोनों देशों ने दुनिया भर के समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने और उनमें स्थिरता लाने पर जोर दिया है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब खाड़ी देशों के समुद्री रास्तों पर तनाव काफी बढ़ गया है जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार को खतरा हो रहा है।
समुद्री रास्तों की सुरक्षा क्यों है इतनी जरूरी?
सऊदी विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने बैठक के दौरान कहा कि समुद्री गलियारे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जीवन रेखा की तरह काम करते हैं। उन्होंने साफ किया कि इनकी सुरक्षा करना पूरी दुनिया की सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं, सिंगापुर के विदेश मंत्री Dr. Vivian Balakrishnan ने अंतरराष्ट्रीय कानून UNCLOS का हवाला देते हुए कहा कि समुद्री रास्तों से जहाजों का गुजरना एक बुनियादी अधिकार है, यह कोई ऐसी सुविधा नहीं है जिसे बातचीत या पैसों के जरिए तय किया जाए।
ईरान की चेतावनी और खाड़ी देशों में मौजूदा तनाव
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है। 4 मई 2026 को ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी कि अगर उसके सैनिक Strait of Hormuz के पास आए तो उन पर हमला किया जाएगा। इसी दौरान UAE ने तीन क्रूज मिसाइलों को हवा में ही रोका और चौथी मिसाइल समुद्र में गिरी। GCC के महासचिव ने भी ईरान द्वारा ADNOC से जुड़े एक जहाज पर किए गए हमले की कड़ी निंदा की है। इन सब घटनाओं के बीच सऊदी और सिंगापुर ने शांति बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी और सिंगापुर की बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के आपसी रिश्तों को मजबूत करना और समुद्री रास्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था ताकि अंतरराष्ट्रीय शांति और व्यापार प्रभावित न हो।
समुद्री रास्तों को लेकर सिंगापुर का क्या कहना है?
सिंगापुर के विदेश मंत्री ने कहा कि UNCLOS कानून के तहत अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों का उपयोग करना हर देश का अधिकार है और इसे किसी शर्त या भुगतान के अधीन नहीं रखा जा सकता।