सऊदी अरब के सऊदी इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी अथॉरिटी ने हज यात्रियों की सुविधा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पवित्र स्थलों पर अब पूरी तरह से ऑटोमेटेड स्मार्ट इलेक्ट्रिकल नेटवर्क लगाया गया है। यह तैयारी हज 1447 AH यानी साल 2026 के लिए की गई है ताकि श्रद्धालुओं को बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं में कोई परेशानी न हो।

📰: Hajj 2026 Update: सऊदी अरब ने स्वास्थ्य सुविधाओं में किया बड़ा बदलाव, अस्पतालों में बढ़े बेड और नए नियम लागू

पवित्र स्थलों पर स्मार्ट बिजली नेटवर्क की क्या खासियत है?

सऊदी इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी अथॉरिटी ने पवित्र स्थलों की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए स्मार्ट बिजली नेटवर्क शुरू किया है। इस सिस्टम से बिजली की सप्लाई पूरी तरह ऑटोमेटेड होगी। हज के दौरान इन पवित्र स्थलों को सीजनल स्मार्ट सिटी में बदला जा रहा है। इसमें बिजली, पानी, ट्रांसपोर्ट और डिजिटल सेवाओं का बड़ा जाल बिछाया गया है। इस पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को किदाना डेवलपमेंट कंपनी (Kidana Development Company) संभाल रही है, जो रॉयल कमीशन फॉर मक्का सिटी एंड होली साइट्स की कार्यकारी शाखा है।

हज 2026 के लिए अन्य जरूरी नियम और तकनीक

हज 2026 की तैयारियां तेजी से चल रही हैं और यह 25 मई से 30 मई के बीच होने की उम्मीद है। इस बार भीड़ को संभालने के लिए मिना में स्मार्ट सेंसर सिस्टम लगाया गया है, जो नुसुक कार्ड (Nusuk card) से जुड़ा होगा। इससे अधिकारियों को लोगों की आवाजाही का लाइव डेटा मिलेगा। साथ ही यह नियम लागू है कि मक्का, पवित्र स्थलों और पैगंबर मस्जिद में प्रवेश के लिए नुसुक कार्ड साथ रखना और उसे एक्टिवेट करना अनिवार्य है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हज 2026 के लिए कौन सा नया बिजली सिस्टम लगाया गया है?

सऊदी इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी अथॉरिटी ने पवित्र स्थलों पर पूरी तरह से ऑटोमेटेड स्मार्ट इलेक्ट्रिकल नेटवर्क लगाया है, ताकि बिजली सेवा बिना रुकावट और बेहतर रहे।

हज यात्रियों के लिए नुसुक कार्ड (Nusuk card) क्यों जरूरी है?

मक्का, पवित्र स्थलों और पैगंबर मस्जिद में प्रवेश के लिए नुसुक कार्ड अनिवार्य है। इसके अलावा यह मिना के स्मार्ट सेंसर सिस्टम से जुड़ा है जिससे भीड़ का मैनेजमेंट किया जाएगा।