सऊदी अरब में नौकरी करने वालों के लिए एक बड़ी खबर आई है. General Organization for Social Insurance (GOSI) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अब करीब 1 करोड़ 32 लाख लोग सोशल इंश्योरेंस प्रोग्राम से जुड़ चुके हैं. इसमें सऊदी नागरिकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय और अन्य देशों के लोग भी शामिल हैं.

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रिपोर्ट के मुताबिक, कुल सदस्यों में से 1 करोड़ 2 लाख प्रवासी कर्मचारी हैं, जो कुल संख्या का 77% हिस्सा हैं. वहीं 30 लाख सऊदी नागरिक इस स्कीम का लाभ ले रहे हैं. इनमें से 12 लाख महिलाएं और 13 लाख ऐसे युवा हैं जिनकी उम्र 34 साल से कम है.

सोशल इंश्योरेंस का पूरा ब्योरा

विवरण संख्या / प्रतिशत
कुल एक्टिव सदस्य 1.32 करोड़
प्रवासी कर्मचारी (Expats) 1.02 करोड़ (77%)
सऊदी नागरिक 30 लाख (23%)
प्राइवेट सेक्टर सदस्य 1.26 करोड़ (95%)
सरकारी सेक्टर सदस्य 6.36 लाख
रियाद रीजन के सदस्य 65 लाख (49%)
पूर्वी प्रांत (Eastern Province) 25 लाख
मक्का रीजन 22 लाख

GOSI ने बताया कि तीसरे क्वार्टर 2025 तक 1,73,200 लोगों ने अपनी मेंबरशिप सस्पेंड की है. इसमें 52% सऊदी नागरिक और 48% गैर-सऊदी लोग थे.

नया कानून और पैसों का हिसाब

सरकार ने Royal Decree No. (M/273) के तहत एक नया सोशल इंश्योरेंस सिस्टम बनाया है, जो 3 जुलाई 2025 से लागू हो गया है. यह नियम उन लोगों के लिए है जो 3 जुलाई 2024 के बाद नौकरी में आए हैं. पुराने सदस्यों पर पुराना नियम ही लागू रहेगा.

नए सिस्टम में पेंशन के लिए जमा होने वाले पैसों (Contribution Rate) में धीरे-धीरे बढ़ोतरी की जाएगी. जुलाई 2025 से यह रेट 9% से बढ़कर 9.5% हो गया है. आने वाले समय में यह और बढ़ेगा और 1 जुलाई 2026 से कर्मचारी का हिस्सा 10.75% और मालिक का हिस्सा 12.75% हो जाएगा.

महिलाओं और खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं

कामकाजी महिलाओं के लिए अब “मटरनिटी कॉम्पेंसेशन” यानी मातृत्व मुआवजा मिलेगा. यह सुविधा सऊदी और गैर-सऊदी दोनों महिलाओं को मिलेगी, बशर्ते उन्होंने पिछले 36 महीनों में 12 महीने का योगदान दिया हो. इसमें बच्चे के जन्म के बाद औसत मासिक वेतन के बराबर पैसा मिलेगा. अगर बच्चा बीमार या दिव्यांग होता है, तो यह मदद 4 महीने तक मिल सकती है.

इसके अलावा, 1 जुलाई 2025 से सऊदी खिलाड़ियों और कोचों को भी सोशल इंश्योरेंस के दायरे में लाया गया है. यह फैसला Ministry of Sports और GOSI ने मिलकर लिया है.

GOSI ने रिटायर्ड लोगों के लिए वॉलंटियर काम के नए तरीके खोजने के लिए पब्लिक कंसल्टेशन भी शुरू किया है, ताकि लोग रिटायरमेंट के बाद भी समाज से जुड़े रहें.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com