सऊदी सरकार इस बुधवार को सोशल सिक्योरिटी, रिटायरमेंट पेंशन और सानिद (Sanid) सपोर्ट से जुड़े ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करने जा रही है। यह कदम किंगडम में सामाजिक कल्याण और बीमा प्रणालियों को अपडेट करने के आधिकारिक शेड्यूल का हिस्सा है। इस प्रशासनिक प्रक्रिया का सीधा संबंध नए सोशल इंश्योरेंस कानून से है, जिससे आने वाले समय में कर्मचारियों के योगदान और पेंशन नियमों में बदलाव होगा।

नया सोशल इंश्योरेंस कानून और नियम

सऊदी अरब में सोशल इंश्योरेंस का नया ढांचा रॉयल डिक्री नंबर (M/273) के तहत तैयार किया गया है, जिसे 3 जुलाई 2024 को मंजूरी मिली थी। यह कानून 3 जुलाई 2025 से पूरी तरह लागू हो जाएगा। General Organization for Social Insurance (GOSI) इस पूरी प्रक्रिया की देखरेख कर रहा है और Ministry of Human Resources and Social Development (MHRSD) इसे विजन 2030 के लक्ष्यों के साथ जोड़कर आधुनिक बना रहा है।

सबसे महत्वपूर्ण बदलाव 1 जुलाई 2026 से लागू होंगे, जिसके बाद पेंशन योगदान दरों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी की जाएगी। यह बढ़ोतरी उन कर्मचारियों के लिए होगी जिन्होंने 3 जुलाई 2024 के बाद नौकरी शुरू की है। वहीं, पुराने कर्मचारियों के लिए फिलहाल योगदान दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

योगदान दरों का विवरण

पेंशन और बीमा योगदान की गणना कर्मचारी की बेसिक सैलरी और हाउसिंग अलाउंस के आधार पर की जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा 45,000 सऊदी रियाल प्रति महीना तय की गई है। नए और पुराने सिस्टम के बीच का अंतर नीचे दी गई टेबल में समझा जा सकता है:

विवरण पुराना सिस्टम (3 जुलाई 2024 से पहले) नया सिस्टम (1 जुलाई 2026 से)
कर्मचारी पेंशन योगदान 9% 10% (हर साल 0.5% बढ़ेगा)
SANED (बेरोजगारी बीमा) 0.75% 0.75%
कुल कर्मचारी योगदान 9.75% 10.75%
नियोक्ता (Employer) योगदान 11.75% 12.75%
कुल संयुक्त लायबिलिटी 21.5% 23.5%

प्रवासियों (Expats) पर क्या होगा असर

सऊदी अरब में काम कर रहे भारतीय और अन्य गैर-सऊदी प्रवासियों के लिए नियम अलग हैं। प्रवासियों को पेंशन (Annuities) या SANED बेरोजगारी बीमा में कोई योगदान नहीं देना होता है। प्रवासियों के मामले में केवल नियोक्ता (Employer) की जिम्मेदारी होती है कि वह कर्मचारी की सैलरी का 2% हिस्सा केवल ‘ऑक्यूपेशनल हैजर्ड’ (काम के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं के कवर) के लिए जमा करे।

SANED सपोर्ट क्या है

SANED एक बेरोजगारी बीमा फंड है। यह उन सऊदी नागरिकों को अस्थायी वित्तीय सहायता प्रदान करता है, जिनकी प्राइवेट सेक्टर की नौकरी उनकी मर्जी के बिना चली जाती है। इस फंड के लिए कर्मचारियों का योगदान 0.75% पर स्थिर रखा गया है।

GOSI ने सभी नियोक्ताओं को सलाह दी है कि वे 1 जुलाई 2026 से पहले अपने पेरोल सिस्टम को अपडेट कर लें, ताकि नए नियमों का पालन हो सके और किसी भी तरह के जुर्माने से बचा जा सके।