सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने 12 मार्च 2026 को एक अहम बैठक की। इस बैठक में मध्य पूर्व में लगातार बढ़ रहे सैन्य तनाव को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों देशों ने क्षेत्रीय युद्ध को रोकने और कूटनीतिक रास्तों पर लौटने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब इलाके में हाल ही में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच भारी सैन्य टकराव देखने को मिला है और सऊदी अरब के एयर डिफेंस ने ड्रोन और मिसाइल हमलों को नाकाम किया है।

स्पेन का कड़ा कदम और सऊदी अरब का समर्थन

स्पेन ने इस तनाव के बीच एक बड़ा फैसला लेते हुए इजरायल से अपना राजदूत स्थायी रूप से वापस बुला लिया है। अब वहां का दूतावास केवल चार्ज डी अफेयर्स के जरिए चलाया जा रहा है। इसके साथ ही स्पेन ने मैड्रिड में ईरानी राजदूत को तलब कर सऊदी अरब और अन्य क्षेत्रीय देशों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की।

स्पेन ने साफ किया है कि वह सऊदी अरब की सुरक्षा और संप्रभुता के खिलाफ किसी भी खतरे को स्वीकार नहीं करेगा। वहीं दूसरी ओर सऊदी विदेश मंत्रालय स्पेन और अन्य यूरोपीय संघ के सदस्यों के साथ मिलकर क्षेत्रीय हितों और महत्वपूर्ण सुविधाओं को बचाने के लिए संयुक्त अरब आवाज के रूप में काम कर रहा है।

आम लोगों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर

दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने इस बात पर चिंता जताई कि यह युद्ध केवल देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर इंटरनेशनल शिपिंग और सिविल एविएशन रूट पर भी पड़ रहा है। लगातार हो रहे हमलों के कारण आम यात्रियों की फ्लाइट्स और समुद्री व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं।

इस तनाव के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन को भारी खतरा पैदा हो गया है, जिसका असर गल्फ में काम करने वाले प्रवासियों और उनके सफर पर भी पड़ सकता है। दोनों अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि संघर्ष का यह फैलाव अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है और इसे जल्द से जल्द रोकने की जरूरत है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.