Yemen Crisis: सऊदी अरब का समर्थन यमन के लिए जीवन रेखा, संयुक्त राष्ट्र में खुलकर हुई तारीफ.

यमन की स्थिति को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक बड़ी बैठक हुई जिसमें देश के हालात पर विस्तार से चर्चा की गई। यमन के संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि अब्दुल्ला अल-सादी ने 13 अगस्त को सुरक्षा परिषद को बताया कि सऊदी अरब की तरफ से लगातार मिल रहा राजनीतिक, आर्थिक और मानवीय सहयोग यमन के सरकारी संस्थानों के लिए एक बड़े सहारे की तरह काम कर रहा है। उन्होंने साफ किया कि किंगडम की तरफ से मिलने वाली वित्तीय मदद ने देश में सरकारी कर्मचारियों के वेतन और मुश्किल वक्त में देश की व्यवस्था को बचाए रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।
सऊदी सहायता और आर्थिक मदद का असर
अब्दुल अल-सादी ने बैठक के दौरान बताया कि सऊदी अरब की तरफ से मिलने वाली आर्थिक मदद देश की अर्थव्यवस्था को टूटने से बचा रही है। इसमें हाल ही में जून महीने में सऊदी प्रोग्राम फॉर डेवलपमेंट एंड रिकंस्ट्रक्शन ऑफ यमन के माध्यम से दी गई 60 मिलियन डॉलर की बड़ी रकम भी शामिल है। इस पैसे का इस्तेमाल मुख्य रूप से आम लोगों और सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए किया गया ताकि देश के संस्थान सुचारू रूप से चल सकें। सऊदी अरब की इस दरियादली और सहयोग की वजह से यमन के लोगों को रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में काफी राहत मिली है और युद्ध के बीच भी देश की प्रशासनिक व्यवस्था किसी तरह टिक पा रही है।
हूती विद्रोहियों पर साधा गया निशाना
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए अल-सादी ने हूती आंदोलन की कड़ी आलोचना की और आरोप लगाया कि वे शांति स्थापित करने के बजाय केवल संघर्ष को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हूती विद्रोही क्षेत्रीय स्तर पर ईरान के एजेंडे को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं जिससे यमन के आम नागरिकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने चेतावनी दी है कि यमन एक बार फिर साल 2022 के युद्धविराम के बाद से सबसे बड़े पैमाने पर युद्ध की तरफ लौटने के कगार पर खड़ा है। यह खतरा तब और बढ़ गया जब 11 अगस्त को हूती विद्रोहियों ने खाने-पीने की जरूरी सामग्री ले जा रहे एक जहाज पर हमला कर दिया जिसमें 4 चालक दल के सदस्यों की जान चली गई।
बढ़ता तनाव और सैन्य कार्रवाई
यमन में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और 17 अगस्त तक की स्थिति के अनुसार संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने नागरिकों की बढ़ती मौतों को देखते हुए तुरंत तनाव कम करने की अपील की है। दूसरी तरफ यमन की सरकारी सेना ने पिछले 24 घंटों के दौरान हूती ठिकानों पर करीब 200 हवाई हमले करने की बात कही है। इन सबके बीच रियाद में हुई उच्च स्तरीय बैठकों के दौरान सऊदी और यमन के विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के प्रति अपनी आपसी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया है। इस तरह के आयोजनों और बैठकों से यह साफ होता है कि दोनों देश मिलकर इस गंभीर संकट से निपटने की लगातार कोशिश कर रहे हैं ताकि आम जनता को इस हिंसा से बचाया जा सके।