सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट ने देश में रहने वाले सभी मुसलमानों और प्रवासियों (Expats) से शव्वाल महीने का चांद देखने की अपील की है। यह चांद ईद उल-फितर (Eid al-Fitr 1447 AH) की शुरुआत का प्रतीक है। कोर्ट ने एक आधिकारिक सूचना जारी कर कहा है कि बुधवार, 18 मार्च 2026 की शाम को चांद की निगरानी की जाए। चांद दिखने के आधार पर ही देश में छुट्टी और त्योहार की तारीख पक्की की जाएगी।

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ईद कब मनाई जाएगी?

सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक चांद दिखने या न दिखने पर ही ईद की सही तारीख तय होगी। इसके लिए कुछ संभावित तारीखें बताई गई हैं। खगोलविदों (Astronomical centers) ने भी अपना अनुमान लगाया है, हालांकि कानूनी तौर पर चांद का दिखना ही मान्य होगा।

  • अगर 18 मार्च 2026 की शाम को चांद दिख जाता है, तो गुरुवार, 19 मार्च 2026 को ईद मनाई जाएगी।
  • अगर इस दिन चांद नहीं दिखता है, तो रमजान के पूरे 30 दिन माने जाएंगे। ऐसे में ईद शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को होगी।
  • खगोलीय भविष्यवाणी के अनुसार 18 मार्च को चांद दिखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, इसलिए 20 मार्च को ईद होने की ज्यादा संभावना है।
  • कतर और अन्य खाड़ी देशों में भी इसी के आधार पर पब्लिक हॉलिडे की घोषणा की जाएगी।

चांद दिखने पर क्या करना होगा?

सुप्रीम कोर्ट ने चांद देखने वालों के लिए कुछ नियम तय किए हैं। चांद देखने के बाद सही जगह पर गवाही देना जरूरी है ताकि आधिकारिक तौर पर ईद की घोषणा हो सके।

  • जो भी व्यक्ति नंगी आंखों या दूरबीन (binoculars) के जरिए चांद देखता है, उसे तुरंत अपनी नजदीकी कोर्ट में जाकर जानकारी देनी होगी।
  • गवाही देने वाले व्यक्ति को ज्यूडिशियल सेंटर में अपना बयान आधिकारिक तौर पर दर्ज कराना होगा।
  • अगर कोई व्यक्ति सीधे कोर्ट तक नहीं पहुंच सकता, तो वह अपने सबसे करीबी लोकल एडमिनिस्ट्रेटिव सेंटर जा सकता है।
  • देश के अलग-अलग हिस्सों में मून साइटिंग कमेटियां (Moon Sighting Committees) बनाई गई हैं, जो सूर्यास्त के समय चांद की निगरानी में हिस्सा लेंगी।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.