सऊदी अरब और सीरिया अब डिजिटल दुनिया में हाथ मिला रहे हैं। सीरिया के विदेश मंत्री ने पुष्टि की है कि दोनों देश क्षेत्रीय डिजिटल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। इस बड़े कदम से पूरे इलाके में इंटरनेट और डेटा सेवाओं की रफ्तार बढ़ेगी और बुनियादी ढांचे में बड़ा सुधार होगा।
सिल्कलिंक प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी क्या है?
सऊदी अरब और सीरिया ने ‘सिल्कलिंक’ (Silklink) नाम के एक बड़े टेलीकम्युनिकेशन प्रोजेक्ट पर सहमति जताई है। इस प्रोजेक्ट में करीब 3 अरब सऊदी रियाल (लगभग 800 मिलियन से 1 बिलियन डॉलर) का निवेश किया जाएगा। इसके तहत सीरिया में 4,500 किलोमीटर लंबा फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क बिछाया जाएगा और आधुनिक डेटा सेंटर और इंटरनेशनल सबमरीन केबल स्टेशन बनाए जाएंगे।
इस डिजिटल पार्टनरशिप में कौन शामिल है और क्या फायदे होंगे?
इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व सऊदी की stc Group कर रही है, जिसकी इसमें 75% हिस्सेदारी है, जबकि सीरियाई सॉवरेन फंड की 25% हिस्सेदारी रहेगी। डिजिटल समाधानों के लिए सऊदी की ‘Elm’ कंपनी के साथ भी साझेदारी शुरू हो चुकी है, ताकि सीरिया में तकनीकी ढांचे को तेजी से बदला जा सके। साथ ही, योजना यह है कि ‘ईस्ट टू मेड डेटा कॉरिडोर’ (EMC) को भी सीरिया के रास्ते मोड़ा जाए, जिससे यह क्षेत्र ग्लोबल कनेक्टिविटी का मुख्य केंद्र बन सके।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रोजेक्ट का नाम | Silklink |
| कुल निवेश | 800 मिलियन से 1 बिलियन डॉलर |
| नेटवर्क की लंबाई | 4,500 किलोमीटर |
| stc Group की हिस्सेदारी | 75% |
| सीरियाई सॉवरेन फंड की हिस्सेदारी | 25% |
| पार्टनर कंपनी | Elm (डिजिटल सॉल्यूशंस) |
| मुख्य लक्ष्य | क्षेत्रीय डिजिटल कनेक्टिविटी |
