सऊदी अरब और सीरिया ने भ्रष्टाचार को रोकने और सीमा पार होने वाले भ्रष्टाचार के मामलों से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों ने आपस में सहयोग बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। 28 मई 2026 को हुए इस समझौते के तहत दोनों देश मिलकर भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करेंगे, जरूरी जानकारी और अनुभव साझा करेंगे और अपनी सरकारी एजेंसियों की ताकत बढ़ाएंगे।

👉: Saudi Arabia: मक्का के मिना पैलेस में मिले सऊदी क्राउन प्रिंस और चाड के राष्ट्रपति, कई बड़े मुद्दों पर हुई ख़ास बातचीत

इस नए समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?

सऊदी अरब और सीरिया के बीच हुए इस समझौते का मुख्य उद्देश्य सीमा पार होने वाले भ्रष्टाचार के मामलों पर लगाम लगाना है। इसके तहत दोनों देश आपस में भ्रष्टाचार विरोधी मामलों की जरूरी जानकारियां साझा करेंगे। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने पारदर्शिता को बढ़ावा देने और सऊदी अरब की भ्रष्टाचार विरोधी संस्था (Nazaha) द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं पर भी विस्तार से चर्चा की।

समझौते पर किन बड़े अधिकारियों ने किए हस्ताक्षर?

इस महत्वपूर्ण समझौते पर दोनों देशों के उच्च अधिकारियों ने दस्तखत किए हैं। सऊदी अरब की ओर से ‘Oversight and Anti-Corruption Authority’ के अध्यक्ष माज़िन बिन इब्राहिम अल-कहमुस (Mazin bin Ibrahim Al-Kahmous) ने हस्ताक्षर किए। वहीं, सीरिया की तरफ से वहां के ‘Central Commission for Inspection and Control’ के प्रमुख इंजीनियर आमेर अल-अली (Engineer Amer al-Ali) ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच हुए अन्य समझौते

मई 2026 में दोनों देशों के बीच यह दूसरा बड़ा समझौता है। इससे पहले भी दोनों देशों ने आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए एक और समझौता किया था। वह समझौता सीरिया के स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अंजलानी और सऊदी के नगर पालिका, ग्रामीण मामलों और आवास मंत्री माजिद बिन अब्दुल्ला अल-होगैल के बीच हुआ था, जिसका उद्देश्य नगर पालिका और पर्यावरण क्षेत्रों में सुधार करना था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी और सीरिया के बीच यह समझौता कब हुआ?

सऊदी अरब और सीरिया के बीच भ्रष्टाचार विरोधी इस महत्वपूर्ण समझौते पर गुरुवार, 28 मई 2026 को हस्ताक्षर किए गए।

इस समझौते से दोनों देशों को क्या लाभ मिलेगा?

इस समझौते के तहत दोनों देश आपस में भ्रष्टाचार रोकने के लिए जरूरी जानकारी और तकनीक साझा करेंगे, जिससे सीमा पार होने वाले अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी।