सऊदी अरब के शूरा काउंसिल के स्पीकर शेख डॉ. अब्दुल्ला बिन मोहम्मद अल अल-शेख ताजिकिस्तान के आधिकारिक दौरे पर गए। वहां उन्होंने ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति और अन्य बड़े अधिकारियों के साथ कई अहम बैठकें कीं। इस यात्रा का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच संसदीय रिश्तों को मजबूत करना और आपसी व्यापार को बढ़ाना है।

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राष्ट्रपति के साथ मुलाकात

1 जुलाई 2026 को ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति एमोमाली रहमोन ने सऊदी स्पीकर का स्वागत किया। इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि ताजिकिस्तान सऊदी अरब को अरब और इस्लामिक दुनिया का एक बहुत महत्वपूर्ण साथी मानता है। दोनों नेताओं ने इस बात पर खुशी जताई कि दोनों देशों के बीच संबंध लगातार बेहतर हो रहे हैं। उन्होंने राजनीतिक बातचीत जारी रखने और सामाजिक व सांस्कृतिक रिश्तों को और गहरा करने पर सहमति जताई।

इन सेक्टर में होगा निवेश

बैठक के दौरान ताजिकिस्तान की अर्थव्यवस्था में सऊदी अरब के निवेश को बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने कुछ खास क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है जहाँ निवेश बढ़ाया जा सकता है। इनमें मुख्य रूप से ये सेक्टर शामिल हैं:

  • हल्का उद्योग (Light Industry) और खाद्य उद्योग
  • दवाइयां और फार्मास्यूटिकल्स (Pharmaceuticals)
  • खेती और कृषि क्षेत्र
  • ट्रांसपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास

संसदीय सहयोग और वित्तीय मदद

3 जुलाई 2026 को शेख डॉ. अब्दुल्ला ने नेशनल काउंसिल के चेयरमैन और दुशानबे के मेयर रुस्तम एमोमाली से मुलाकात की। इस बैठक में संसदीय सहयोग को बढ़ाने और दोनों देशों के साझा हितों पर बात हुई। इसके साथ ही, ताजिकिस्तान ने सऊदी फंड फॉर डेवलपमेंट और इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक जैसी संस्थाओं द्वारा सामाजिक और बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स के लिए दी जा रही मदद के लिए सऊदी अरब का शुक्रिया अदा किया।

इस दौरे में सऊदी संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य डॉ. आसिम बिन मोहम्मद मदखली, इंजीनियर इब्राहिम बिन मोहम्मद अल-दुघैर और डॉ. बासिम बिन हम्दी अल-सैयद भी मौजूद रहे। साथ ही ताजिकिस्तान में सऊदी अरब के राजदूत खालिद बिन अब्दुल्ला अल-शमरानी ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया।