सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद तुर्की की राजधानी अंकारा पहुंचे हैं। वहां उन्होंने तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान के साथ सऊदी-तुर्की समन्वय परिषद की तीसरी बैठक में हिस्सा लिया। इस मुलाकात का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच आपसी रिश्तों को और मजबूत करना और कई अहम मुद्दों पर चर्चा करना था।
वीज़ा नियमों में क्या बड़ा बदलाव हुआ है
तुर्की के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस मीटिंग के दौरान एक महत्वपूर्ण समझौते पर सहमति बनी है। अब सऊदी अरब और तुर्की के डिप्लोमैटिक और स्पेशल पासपोर्ट रखने वाले लोगों को एक-दूसरे के देश जाने के लिए वीज़ा की जरूरत नहीं होगी। यह सुविधा सिर्फ खास पासपोर्ट धारकों के लिए है, आम पासपोर्ट वाले लोगों के लिए इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
किन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा और क्या रही चर्चा
यह समन्वय परिषद राजनीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए बनाई गई है। मीटिंग में पांच अलग-अलग सब-कमेटियों के काम की समीक्षा की गई, जिनमें डिफेंस, सिक्योरिटी, ट्रेड और इन्वेस्टमेंट जैसे विषय शामिल थे। इसके अलावा, दोनों मंत्रियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव कम करने और इजराइल-फिलिस्तीन विवाद के लिए टू-स्टेट सॉल्यूशन जैसे मुद्दों पर भी बात की।
रिश्तों में सुधार और अन्य कूटनीतिक बातचीत
साल 2020 के बाद से सऊदी अरब और तुर्की के रिश्तों में लगातार सुधार देखा गया है। इसी बीच प्रिंस फैसल बिन फरहान ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से फोन पर बात की और क्षेत्रीय हालातों पर चर्चा की। वहीं तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने डच विदेश मंत्री टॉम बरेंडसन से फोन पर नाटो शिखर सम्मेलन की तैयारियों के बारे में बातचीत की।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या आम नागरिकों को तुर्की और सऊदी अरब जाने के लिए वीज़ा से छूट मिली है
नहीं, यह वीज़ा छूट का नियम केवल डिप्लोमैटिक और स्पेशल पासपोर्ट धारकों के लिए है। सामान्य पासपोर्ट रखने वाले लोगों को वीज़ा प्रक्रिया का पालन करना होगा।
सऊदी-तुर्की समन्वय परिषद की तीसरी बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था
इस बैठक का उद्देश्य राजनीति, सुरक्षा, व्यापार और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करना और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा करना था।