सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान और तुर्की के रक्षा मंत्री यासर गुलर ने फोन पर बातचीत की है। यह बातचीत 25 जुलाई 2026 को हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करने और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने पर चर्चा की गई। इस दौरान प्रिंस खालिद ने दक्षिण अफ्रीका के रक्षा मंत्री से भी बात की।

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रक्षा क्षेत्र में आपसी निवेश और साझेदारी

सऊदी अरब और तुर्की रक्षा के मामले में एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं। तुर्की के राष्ट्रपति रसीप तैयप एर्दोगन ने इस साल फरवरी में तुर्की के अपने फाइटर जेट KAAN प्रोजेक्ट में सऊदी अरब को निवेश करने का सुझाव दिया था। इसके अलावा, सऊदी अरब की कंपनी SAMI ने तुर्की की कंपनी Baykar के साथ मिलकर काम करने का करार किया है। इसका मकसद 2026 तक सऊदी अरब में Akinci ड्रोन के उत्पादन का 70% हिस्सा स्थानीय स्तर पर तैयार करना है। सऊदी अरब का लक्ष्य 2030 तक अपने कुल रक्षा बजट का 50% हिस्सा अपने ही देश में खर्च करना है, जिसके लिए तुर्की एक महत्वपूर्ण पार्टनर बना हुआ है। इसके लिए साल 2025 के रक्षा बजट में $72.5 बिलियन का फंड रखा गया है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और चुनौतियां

यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब लाल सागर (Red Sea) की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। उसी दिन सऊदी अरब ने हौथी विद्रोहियों द्वारा दागी गई मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया, जिसके बाद गठबंधन ने सख्त कार्रवाई की बात कही है। दूसरी तरफ, रूस और तुर्की के बीच S-400 मिसाइल सिस्टम को लेकर भी चर्चा जारी है। इसके अलावा, 23 जुलाई 2026 को तुर्की और सऊदी अरब ने यरूशलेम में पवित्र स्थलों पर हो रहे हमलों की निंदा करते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया था, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक तालमेल को दिखाता है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.