सऊदी अरब और तुर्की के बीच आपसी रिश्तों को और बेहतर बनाने के लिए एक अहम मीटिंग हुई है। यह सऊदी-तुर्की पॉलिटिकल और डिप्लोमैटिक कमेटी की दूसरी बैठक थी, जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई। दोनों देशों के बड़े अधिकारियों ने इस दौरान कई जरूरी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

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बैठक में किन अहम मुद्दों पर चर्चा हुई?

इस मीटिंग की अध्यक्षता सऊदी अरब के डिप्टी मिनिस्टर ऑफ फॉरेन अफेयर्स Waleed Al-Khereiji और तुर्की के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Ambassador Musa Kulaklikaya ने की। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सऊदी अरब और तुर्की के द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत किया जाए। उन्होंने आपसी हितों के मुद्दों पर तालमेल बढ़ाने की बात की ताकि दोनों देशों के नेतृत्व और जनता की उम्मीदों को पूरा किया जा सके। मीटिंग खत्म होने के बाद दोनों अधिकारियों ने मीटिंग के मिनट्स (दस्तावेजों) पर साइन किए।

क्या है सऊदी-तुर्की कोऑर्डिनेशन काउंसिल?

यह पूरी प्रक्रिया सऊदी-तुर्की कोऑर्डिनेशन काउंसिल के ढांचे के तहत काम करती है। इस काउंसिल की शुरुआत साल 2016 में हुई थी और इसकी पहली आधिकारिक बैठक फरवरी 2017 में आयोजित की गई थी। इस काउंसिल के अंदर पांच अलग-अलग सब-कमेटियां बनाई गई हैं, जो इन क्षेत्रों में काम करती हैं:

  • डिप्लोमेसी (कूटनीति)
  • सिक्योरिटी (सुरक्षा)
  • कल्चर (संस्कृति)
  • सोशल डेवलपमेंट (सामाजिक विकास)
  • इकोनॉमिक कोऑपरेशन (आर्थिक सहयोग)

बता दें कि इससे पहले 27 फरवरी 2026 को भी Waleed Elkhereiji और Musa Kulaklıkaya के बीच जेद्दा में मुलाकात हुई थी। वह मुलाकात इस्लामिक कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन की एक इमरजेंसी मीटिंग के दौरान हुई थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी और तुर्की की यह बैठक कब हुई और इसका तरीका क्या था?

यह बैठक मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई थी।

सऊदी-तुर्की कोऑर्डिनेशन काउंसिल किन क्षेत्रों पर ध्यान देती है?

यह काउंसिल पांच मुख्य क्षेत्रों पर काम करती है, जिनमें डिप्लोमेसी, सिक्योरिटी, कल्चर, सोशल डेवलपमेंट और आर्थिक सहयोग शामिल हैं।