सऊदी अरब और तुर्की के बीच रिश्तों में बड़ी सुधार देखी गई है। दोनों देशों ने एक नया समझौता किया है जिससे अब कुछ खास पासपोर्ट धारकों को वीज़ा की ज़रूरत नहीं होगी। इसके साथ ही सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी कुछ ज़रूरी अपडेट्स आए हैं, जो उनकी नौकरी और रहने के नियमों से जुड़े हैं।

सऊदी और तुर्की के बीच वीज़ा फ्री डील की क्या है सच्चाई?

सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान ने बुधवार, 6 मई 2026 को तुर्की की राजधानी अंकारा में एक समझौते पर दस्तखत किए। इस नए नियम के तहत अब दोनों देशों के डिप्लोमैटिक और स्पेशल पासपोर्ट रखने वाले लोग बिना वीज़ा के एक-दूसरे के देश की यात्रा कर सकेंगे। यह फैसला तुर्की-सऊदी समन्वय परिषद की तीसरी बैठक के बाद लिया गया, ताकि दोनों देशों के बीच सरकारी कामकाज और आपसी सहयोग को और बेहतर बनाया जा सके।

सऊदी में प्रवासियों के लिए नियम और सैलरी में क्या बदलाव हुए?

सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों, खासकर भारतीयों के लिए कुछ महत्वपूर्ण बदलाव सामने आए हैं। सरकार ने नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।

  • बड़े पैमाने पर डिपोर्टेशन: 16 अप्रैल से 22 अप्रैल 2026 के बीच सऊदी अरब ने करीब 17,000 विदेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेज दिया। इस अभियान में 12,192 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से 6,600 लोग बिना वैध रेजिडेंसी के थे, 3,500 ने बॉर्डर कानूनों का उल्लंघन किया और 2,000 से ज़्यादा लोग लेबर नियमों को तोड़ रहे थे।
  • सैलरी में बदलाव: नवंबर 2025 से प्रवासियों को मिलने वाले भारी सैलरी प्रीमियम में कमी आई है। अब सैलरी अंतरराष्ट्रीय मार्केट रेट के हिसाब से दी जा रही है। यह बदलाव विजन 2030 के तहत किया गया है ताकि कुशल सऊदी वर्कफोर्स को बढ़ावा मिले।
  • पैसों का लेनदेन: प्रवासियों द्वारा अपने घर भेजे जाने वाले पैसों में बढ़ोतरी हुई है। दिसंबर 2024 में यह 23% बढ़कर 3.58 अरब डॉलर तक पहुँच गया, जबकि अक्टूबर 2024 में यह 10% बढ़कर 3.16 अरब डॉलर था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी और तुर्की के बीच हुए वीज़ा समझौते का लाभ किसे मिलेगा?

इस समझौते का लाभ केवल डिप्लोमैटिक और स्पेशल पासपोर्ट रखने वाले लोगों को मिलेगा, जिन्हें अब बिना वीज़ा यात्रा करने की अनुमति होगी।

सऊदी अरब में हाल ही में प्रवासियों को क्यों डिपोर्ट किया गया?

अप्रैल 2026 के एक अभियान में रेजिडेंसी स्टेटस न होने, बॉर्डर नियमों के उल्लंघन और लेबर कानूनों को तोड़ने के कारण 17,000 से अधिक प्रवासियों को डिपोर्ट किया गया।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com