तुर्की के अंताल्या शहर में सऊदी अरब, तुर्की, पाकिस्तान और मिस्र के विदेश मंत्रियों की एक अहम बैठक हुई। इस मीटिंग का मुख्य मकसद इलाके में चल रही जंग के खतरों को कम करना और शांति बहाल करना था। चारों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि अगर युद्ध बढ़ा तो इसका बुरा असर दुनिया की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

इस मीटिंग में किन बातों पर सबसे ज्यादा चर्चा हुई?

बैठक में मुख्य रूप से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने और युद्ध रोकने की कोशिशों पर बात हुई। मंत्रियों ने पाकिस्तान द्वारा की जा रही मध्यस्थता का समर्थन किया ताकि दोनों देशों के बीच एक स्थायी युद्धविराम हो सके। साथ ही, क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ाने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को तेज करने की बात कही गई।

जंग का अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर क्या असर होगा?

मंत्रियों ने चर्चा की कि मौजूदा संघर्षों की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और सप्लाई चेन को बचाने, खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा संकट को हल करने पर बातचीत हुई। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से दुनिया भर की ग्रोथ पर पड़ने वाले असर और उसके समाधान पर भी विचार किया गया।

विवरण जानकारी
बैठक की तारीख 18 अप्रैल 2026
स्थान अंताल्या, तुर्की
शामिल देश सऊदी अरब, तुर्की, पाकिस्तान, मिस्र
सऊदी प्रतिनिधि प्रिंस फैसल बिन फरहान
तुर्की प्रतिनिधि हाकन फिदान
पाकिस्तान प्रतिनिधि मोहम्मद इसहाक डार
मिस्र प्रतिनिधि बदर अब्देल-अती
मुख्य मुद्दा ईरान-यूएस तनाव और क्षेत्रीय शांति

बैठक से ठीक पहले ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को कमर्शियल शिपिंग के लिए फिर से खोलने का ऐलान किया था। इस खबर ने बैठक को एक जरूरी आर्थिक और सुरक्षा आयाम दे दिया और मंत्रियों ने इसे सकारात्मक माना।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.