सऊदी अरब, UAE, कतर और तुर्की समेत 8 देशों ने मिलकर इसराइल के खिलाफ एक कड़ा बयान जारी किया है. इन देशों ने वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ हो रही हिंसा और मस्जिदों पर हमलों की कड़ी निंदा की है. यह बयान पूरी दुनिया को इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान दिलाने के लिए दिया गया है.
इन देशों के विदेश मंत्रियों ने बताया कि वेस्ट बैंक के Jaljulia गाँव की मस्जिद और रामल्लाह के उत्तर में Mazari al-Nubani गाँव की अल-फारूक मस्जिद पर हाल ही में हमले हुए हैं. उन्होंने कहा कि इबादतगाहों और धार्मिक स्थलों के साथ ऐसी हरकतें अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन हैं.
बयान में साफ कहा गया कि इसराइल एक कब्जे वाली शक्ति है और इन हमलों की पूरी जिम्मेदारी उसी की है. इन देशों ने इसराइल द्वारा उठाए गए एकतरफा और गैरकानूनी कदमों को खारिज किया है, क्योंकि इससे इलाके में अस्थिरता और हिंसा बढ़ती है और शांति की कोशिशें नाकाम होती हैं.
इन सभी देशों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह अपनी कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी निभाए. उन्होंने मांग की है कि इसराइल को वेस्ट बैंक में हिंसा रोकने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए मजबूर किया जाए ताकि कोई भी अपराधी बच न सके.
इन देशों ने फिलिस्तीन के लोगों के साथ अपनी एकजुटता जताई है. उन्होंने मांग की कि 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र फिलिस्तीन देश बने, जिसकी राजधानी East Jerusalem हो. उन्होंने ‘टू-स्टेट सॉल्यूशन’ और अरब शांति पहल के जरिए स्थायी शांति लाने का समर्थन किया है.