यरूशलेम में पवित्र स्थानों पर इसराइल की लगातार बढ़ती गतिविधियों को लेकर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत आठ देशों ने मिलकर कड़ा रुख अपनाया है। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने एक साझा बयान जारी कर पूर्वी यरूशलेम में ऐतिहासिक और जनसांख्यिकीय स्थिति को बदलने की इसराइली कोशिशों की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस साझा बयान में कहा गया है कि ऐसी हरकतें अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन हैं और इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है।
इसराइल की किन हरकतों पर इन देशों ने जताई कड़ी आपत्ति?
इन आठ देशों ने साझा बयान में इसराइली अधिकारियों द्वारा किए जा रहे अवैध कार्यों का कड़ा विरोध किया है। बयान के अनुसार निम्नलिखित मुद्दों पर चिंता जताई गई है:
- पूर्वी यरूशलेम के ऐतिहासिक, कानूनी और जनसांख्यिकीय स्वरूप को बदलने की कोशिशें की जा रही हैं।
- इसराइली पुलिस के संरक्षण में कट्टरपंथियों और मंत्रियों द्वारा अल-अक्सा मस्जिद परिसर में घुसपैठ की जा रही है।
- मस्जिद के प्रांगण में इसराइली झंडा फहराकर इसकी पवित्रता को ठेस पहुंचाई गई है।
- वेस्ट बैंक में अवैध बस्तियों के विस्तार और वहां हो रही हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
अल-अक्सा मस्जिद को लेकर क्या है इन देशों का आधिकारिक रुख?
विदेश मंत्रियों ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि अल-अक्सा मस्जिद का पूरा 144 डुनम का क्षेत्र सिर्फ और सिर्फ मुसलमानों के लिए ही इबादत की जगह है। इस पूरे परिसर की देखरेख और इसमें प्रवेश से जुड़े नियम तय करने का एकमात्र कानूनी अधिकार जॉर्डन के औकाफ मंत्रालय से संबद्ध यरूशलेम वक्फ विभाग के पास है। इन देशों ने साफ किया कि यरूशलेम और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र पर इसराइल का कोई संप्रभु अधिकार नहीं है और फिलिस्तीनियों को उनकी जमीन से जबरन हटाने के किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस साझा बयान को जारी करने में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
इस साझा बयान को सऊदी अरब, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की के विदेश मंत्रियों ने मिलकर जारी किया है।
अल-अक्सा मस्जिद के प्रबंधन का अधिकार किसके पास है?
बयान के अनुसार, अल-अक्सा मस्जिद का पूरा 144 डुनम का क्षेत्र केवल मुसलमानों के लिए है और इसका प्रबंधन जॉर्डन के औकाफ मंत्रालय से संबद्ध यरूशलेम वक्फ और अल-अक्सा मस्जिद मामलों के विभाग द्वारा किया जाता है।
