सऊदी अरब और यूएई के बीच कारोबार करने वाले प्रवासियों और निवेशकों के लिए टैक्स नियमों में कई अहम अपडेट आए हैं। यूएई के फेडरल टैक्स अथॉरिटी (FTA) ने कॉरपोरेट टैक्स से जुड़े नए नियम स्पष्ट किए हैं, जिनका असर उन लोगों पर पड़ेगा जो फ्री जोन में अपना काम चला रहे हैं। अब फ्री जोन में 0% टैक्स पाने के लिए कारोबारियों को अपनी ‘पर्याप्त मौजूदगी’ यानी Adequate Substance दिखाना होगा, जिसमें दफ्तर की जगह और स्टाफ जैसी चीजें शामिल हैं।
टैक्स नियमों और छूट से जुड़ी जरूरी जानकारी
यूएई सरकार ने उन कारोबारियों को बड़ी राहत दी है जिनका पहला टैक्स पीरियड 31 दिसंबर 2025 को खत्म हुआ था। ऐसे कारोबारी अगर अपना रिटर्न 31 जुलाई 2026 तक फाइल कर देते हैं, तो उन पर लगने वाले जुर्माने को माफ किया जाएगा। इसके अलावा, जिन कारोबारियों की सालाना कमाई 30 लाख AED से कम है, वे 31 दिसंबर 2026 तक ‘स्मॉल बिजनेस रिलीफ’ का फायदा उठा सकते हैं।
| विवरण | तारीख या सीमा |
|---|---|
| ई-इनवॉइसिंग सिस्टम लागू | 1 जनवरी 2027 |
| ई-इनवॉइस सर्विस प्रोवाइडर नियुक्ति | 30 अक्टूबर 2026 |
| आरएंडडी टैक्स क्रेडिट सीमा | 20 लाख AED प्रति पीरियड |
सऊदी अरब की ZATCA ने भी जुर्माने और वित्तीय दंड से राहत देने वाली अपनी योजना को 31 दिसंबर 2026 तक आगे बढ़ा दिया है। यह उन रिटर्न्स पर लागू है जो 30 जून 2026 तक ड्यू थे। दोनों देशों के बीच साल 2020 से एक एग्रीमेंट लागू है, जिससे कारोबारियों को दो बार टैक्स भरने से राहत मिलती है और टैक्स चोरी रोकने में मदद मिलती है। कारोबारियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने टैक्स मामलों को समय रहते अपडेट कर लें ताकि किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके।
