खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। इन दोनों देशों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र (Airspace) का इस्तेमाल ईरान पर किसी भी अमेरिकी हमले के लिए नहीं करने देंगे। यह फैसला 27-28 जनवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर सामने आया है। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से फोन पर बात कर इस बात का भरोसा दिलाया है कि वे किसी भी सैन्य कार्रवाई का हिस्सा नहीं बनेंगे।

अमेरिका अब कैसे करेगा कार्रवाई?

सऊदी और UAE के इस फैसले से अमेरिका के लिए मुश्किलें थोड़ी बढ़ गई हैं। अब अमेरिकी सेना अपने लड़ाकू विमानों के लिए इन देशों के एयरबेस का उपयोग नहीं कर पाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने अब अपने F-15 लड़ाकू विमानों को जॉर्डन के मुवफ्फक साल्टी एयरबेस पर तैनात किया है। इसके अलावा, अमेरिका के पास समुद्र से मिसाइल हमले (Tomahawk) करने का विकल्प अभी भी खुला है। ओमान की खाड़ी में अमेरिकी विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन भी पहुंच चुका है, जो समुद्र के रास्ते कार्रवाई करने में सक्षम है।

सऊदी और UAE की चिंता क्या है?

जानकारों का कहना है कि खाड़ी देश इस बार पूरी तरह से तटस्थ रहना चाहते हैं। उन्हें डर है कि अगर अमेरिका ने उनकी जमीन से हमला किया, तो ईरान जवाबी कार्रवाई में उनके तेल के कुओं और रिफाइनरियों को निशाना बना सकता है। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी है कि अगर उन पर हमला हुआ तो वे खाड़ी में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर ‘असीमित’ पलटवार करेंगे। इसी डर से सऊदी अरब और UAE ‘संवाद और कूटनीति’ के जरिए मामले को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं।

ताजा अपडेट और उड़ानों पर असर

इस तनाव का असर आम उड़ानों पर भी पड़ रहा है। यूरोपीय संघ की एजेंसी EASA ने 16 फरवरी 2026 तक सभी एयरलाइनों को ईरान के ऊपर से उड़ान भरने से बचने की सलाह दी है। दूसरी तरफ, 31 जनवरी को कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने वाशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों के साथ गुप्त बैठकें की हैं। इसमें चर्चा थी कि भले ही बाहर से शांति की बात हो रही हो, लेकिन अंदरूनी तौर पर ईरान के प्रभाव को रोकने पर बात चल रही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.