गल्फ देशों की सुरक्षा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. GCC Secretary-General Jasem Mohamed Albudaiwi ने साफ कहा कि Saudi Arabia की सुरक्षा पूरे गल्फ क्षेत्र की सुरक्षा का अहम हिस्सा है. इसी बीच Saudi Arabia और UAE दोनों देशों में ड्रोन हमलों की खबरें आई हैं, जिससे पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है.
Saudi और UAE में ड्रोन हमले, क्या हुआ था?
18 मई 2026 को Saudi military ने तीन ड्रोन को हवा में ही मार गिराया, जो Iraq की तरफ से सऊदी की सीमा में घुसे थे. उसी दिन UAE के Abu Dhabi में स्थित Barakah Nuclear Power Plant के बाहर एक ड्रोन हमले की वजह से आग लग गई. UAE सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. इन घटनाओं के बाद गल्फ देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
GCC देशों की सुरक्षा और ईरान का मामला
13 मई 2026 को GCC देशों के Interior Ministers की एक इमरजेंसी मीटिंग हुई थी. इस मीटिंग में यह तय किया गया कि गल्फ देशों की सुरक्षा एक है और इसे अलग नहीं किया जा सकता. अधिकारियों ने आतंकवाद और बाहरी खतरों से निपटने के लिए तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया. एक गल्फ अधिकारी ने यह भी कहा कि Iran को GCC देशों के साथ फिर से भरोसा कायम करने की जरूरत है, क्योंकि ईरान की हरकतों से समुद्री रास्तों और देशों की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या हो रही है तैयारी?
GCC Secretary-General ने Greece में आयोजित European-Gulf Geopolitical and Investment Summit में हिस्सा लिया. वहां उन्होंने कहा कि गल्फ की सुरक्षा सिर्फ एक क्षेत्रीय मामला नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया के हित से जुड़ा है. इसके साथ ही गल्फ देश UN Security Council में एक नया प्रस्ताव लाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि Strait of Hormuz में जहाजों के आने-जाने का रास्ता सुरक्षित रहे.
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब और UAE में ड्रोन हमले कब हुए?
ये हमले 18 मई 2026 को हुए. सऊदी अरब ने इराक की तरफ से आए 3 ड्रोन को रोका, जबकि UAE के बरकाका न्यूक्लियर प्लांट के बाहर ड्रोन हमले से आग लगी.
GCC Secretary-General ने सुरक्षा पर क्या कहा?
Jasem Mohamed Albudaiwi ने कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा पूरे गल्फ की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है और इसे अंतरराष्ट्रीय हित के रूप में देखा जाना चाहिए.
