खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने ईरान के बढ़ते हमलों पर सख्त रुख अपनाया है। महासचिव जसिम मोहम्मद अल-बुदैवी ने कहा कि ईरान पड़ोसियों के साथ अच्छे व्यवहार के नियमों का उल्लंघन कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी इस मामले में प्रस्ताव 2817 पारित किया है जिसमें 136 देशों का समर्थन मिला है। सऊदी अरब और यूएई ने साफ कर दिया है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार हैं।

ईरान और GCC के बीच तनाव की क्या वजह है?

खाड़ी देशों का कहना है कि ईरान लगातार मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहा है जो अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। महासचिव ने स्पष्ट किया कि ईरान ने सभी सीमाओं को पार कर दिया है जिससे क्षेत्र की शांति को खतरा है। सुरक्षा परिषद के नए प्रस्ताव में ईरान से इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की गई है। इसमें उन समूहों पर भी रोक लगाने को कहा गया है जो ईरान के इशारे पर काम करते हैं।

सऊदी अरब और UAE ने क्या कदम उठाया है?

सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने फोन पर बात कर ईरान को चेतावनी दी है। दोनों नेताओं ने कहा कि वे अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 का इस्तेमाल करेंगे। इसका मतलब है कि हमला होने पर ये देश अपनी रक्षा में सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं। इसके साथ ही खाड़ी देशों और ब्रिटेन के बीच भी एक अहम बैठक हुई है ताकि इस संकट से मिलकर निपटा जा सके।

Aanya

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