सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर एक बहुत बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। दोनों देशों के साझा ऑपरेशन में 2,67,300 एम्फ़ैटेमिन (कैप्टागन) नशीली गोलियों की तस्करी को रोका गया है। इस कार्रवाई में एक अरब आपराधिक नेटवर्क के तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। यह साझा ऑपरेशन 8 जून 2026 को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
कैसे हुआ इस बड़ी तस्करी का खुलासा?
यूएई के राष्ट्रीय मादक पदार्थ नियंत्रण विभाग ने दुबई पुलिस की जनरल कमांड के साथ मिलकर इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। सुरक्षा अधिकारियों को इस तस्करी के बारे में पहले से ही गुप्त जानकारी मिली थी। इसके बाद दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने आपस में तुरंत खुफिया जानकारी साझा की और इस खेप को बाजार में फैलने से पहले ही पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी एक अरब देश के रहने वाले हैं और वे इस अवैध नेटवर्क का हिस्सा थे।
सऊदी अरब और यूएई की सुरक्षा एजेंसियों का क्या कहना है?
सऊदी अरब के गृह मंत्रालय के तहत आने वाले मादक पदार्थ नियंत्रण महानिदेशालय ने कहा कि सऊदी पुलिस अपने पड़ोसी देशों के साथ मिलकर लगातार ऐसी आपराधिक गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह के ऑपरेशन से दोनों देशों के बीच मजबूत सुरक्षा तालमेल का पता चलता है। इस कार्रवाई का मुख्य मकसद खाड़ी देशों के समाज और युवाओं को नशीली दवाओं के खतरे से सुरक्षित रखना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह ड्रग्स तस्करी का मामला कब का है?
यह पूरी कार्रवाई 8 जून 2026 को सऊदी अरब और यूएई की सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी से की गई थी।
इस ऑपरेशन में कुल कितनी नशीली गोलियां बरामद की गईं?
इस साझा सुरक्षा अभियान में कुल 2,67,300 एम्फ़ैटेमिन (कैप्टागन) नशीली गोलियां जब्त की गईं और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
