सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल-नाहयान के बीच फोन पर अहम बातचीत हुई है। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय घटनाक्रमों और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के मुद्दों पर चर्चा की। इस बातचीत में मध्य पूर्व की सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति बनी है।

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सऊदी अरब और UAE के बीच फोन पर क्या चर्चा हुई?

सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के अनुसार, सऊदी क्राउन प्रिंस और UAE के राष्ट्रपति के बीच हुई बातचीत में दोनों देशों के आपसी संबंधों और क्षेत्र में सुरक्षा के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व की ताजा स्थिति की समीक्षा की और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के उपायों पर बात की।

UAE की आधिकारिक समाचार एजेंसी WAM ने भी इस फोन कॉल की पुष्टि की है। WAM की रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों नेताओं ने भाईचारे के संबंधों और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को लेकर चर्चा की। इसके साथ ही क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों और उनसे निपटने के प्रयासों पर विचार-विमर्श किया गया। यह बातचीत 13 मई 2026 को हुई थी।

हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने से इनकार और कूटनीतिक रुख

खाड़ी देशों में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए दोनों देशों ने कई अहम कदम उठाए हैं। जून 2026 की शुरुआत में आई रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अरब और UAE ने संयुक्त राज्य अमेरिका को ईरान के खिलाफ किसी भी संभावित सैन्य हमले के लिए अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति देने से मना कर दिया है। दोनों देशों ने सैन्य तनाव के बजाय राजनयिक बातचीत और तनाव कम करने की नीति पर जोर दिया है।

इससे पहले 2 जून 2026 को सऊदी अरब, UAE, तुर्की, मिस्र, इंडोनेशिया, जॉर्डन, पाकिस्तान और कतर के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान जारी किया था। इस बयान में अल-अक्सा मस्जिद में इजरायली प्रथाओं को तुरंत रोकने और फिलिस्तीनी लोगों के समर्थन में अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत दो-राज्य समाधान की मांग की गई थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब और UAE ने अमेरिका को लेकर क्या नीति अपनाई है?

दोनों देशों ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों के लिए अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी है और वे शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं।

दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने फिलिस्तीन मुद्दे पर क्या कहा था?

विदेश मंत्रियों ने संयुक्त बयान में अल-अक्सा मस्जिद की कानूनी स्थिति का सम्मान करने और फिलिस्तीन के लिए दो-राज्य समाधान का समर्थन किया।