Gulf देशों में तनाव बढ़ता जा रहा है। ईरान के लगातार हमलों ने सऊदी अरब और UAE की चिंता बढ़ा दी है। इसी मुद्दे पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और UAE राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान ने बातचीत की है ताकि इलाके में शांति और स्थिरता बनी रहे।

ईरान के हमलों पर सऊदी और UAE का क्या कहना है?

सऊदी प्रेस एजेंसी (SPAENG) के मुताबिक, दोनों नेताओं ने चर्चा की कि GCC देशों पर ईरान के लगातार हमले एक खतरनाक कदम हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतें पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल रही हैं। सऊदी क्राउन प्रिंस ने UAE के साथ अपनी एकजुटता जताई और इन हमलों की कड़ी निंदा की।

अपनी सीमाओं को बचाने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?

बातचीत के दौरान यह तय हुआ कि GCC देश अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। दोनों देशों ने अपनी पूरी ताकत लगाने का वादा किया है ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा बनी रहे। 16 मार्च और 5-6 मई 2026 को भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया गया था।

UAE सरकार ने ईरान को लेकर क्या चेतावनी दी?

UAE के विदेश मंत्रालय ने साफ तौर पर इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर का उल्लंघन बताया है। मंत्रालय ने कहा कि यह एक अस्वीकार्य हमला है और UAE अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और अपने लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। UAE ने इस पूरे मामले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है और तुरंत हमले रोकने की मांग की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के हमलों पर UAE का क्या रुख है?

UAE इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मानता है और ईरान को इन हमलों के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराते हुए इसे एक अस्वीकार्य हरकत बताया है।

सऊदी अरब और UAE के बीच क्या चर्चा हुई?

दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ाने और ईरान द्वारा GCC देशों पर किए जा रहे हमलों को रोकने के लिए आपसी सहयोग और एकजुटता पर चर्चा की।