सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान और ब्रिटेन के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर जोनाथन पॉवेल के बीच जेद्दा में एक बहुत अहम मुलाकात हुई। इस मीटिंग में दोनों देशों के बीच आपसी रिश्तों को मजबूत करने और इलाके में शांति बनाए रखने के तरीकों पर चर्चा की गई। दुनिया भर में चल रही मौजूदा स्थितियों के बीच इस मुलाकात को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए काफी जरूरी माना जा रहा है।

जेद्दा मीटिंग में किन मुख्य बातों पर हुई चर्चा?

बुधवार, 13 मई 2026 को हुई इस मुलाकात में सऊदी अरब और ब्रिटेन के बीच सहयोग के अलग-अलग पहलुओं की समीक्षा की गई। दोनों नेताओं ने इस बात पर बात की कि क्षेत्र में चल रही चुनौतियों से कैसे निपटा जाए। मीटिंग का मुख्य मकसद तनाव को कम करना था ताकि मिडिल ईस्ट में सुरक्षा और स्थिरता बनी रहे। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने इस मुलाकात के बारे में आधिकारिक जानकारी जारी की है और प्रिंस खालिद बिन सलमान ने इसकी डिटेल्स X (ट्विटर) पर भी साझा की हैं।

मीटिंग में कौन-कौन से बड़े अधिकारी शामिल हुए?

इस हाई-लेवल मीटिंग में सऊदी अरब और ब्रिटेन के कई बड़े अधिकारी मौजूद थे:

  • सऊदी अरब की तरफ से: रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान और उनके इंटेलिजेंस अफेयर्स एडवाइजर हिशाम बिन सैफ शामिल हुए।
  • ब्रिटेन की तरफ से: नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर जोनाथन पॉवेल, प्रधानमंत्री के बिजनेस और इन्वेस्टमेंट स्पेशल एडवाइजर वरुण चंद्रा और ब्रिटिश एंबेसडर मौजूद थे।

जानकारी के मुताबिक, जोनाथन पॉवेल दिसंबर 2024 से प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के तहत नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

लंदन और जेद्दा की मुलाकातों का सिलसिला

सुरक्षा को लेकर चर्चा सिर्फ जेद्दा तक सीमित नहीं रही। इससे ठीक एक दिन पहले, मंगलवार 12 मई 2026 को लंदन में भी एक मीटिंग हुई थी। इसमें सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और जोनाथन पॉवेल ने मुलाकात की थी। इन लगातार बैठकों से यह साफ है कि सऊदी अरब और ब्रिटेन क्षेत्रीय शांति के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी और ब्रिटेन की यह मुलाकात कब और कहां हुई?

प्रिंस खालिद बिन सलमान और जोनाथन पॉवेल के बीच यह मुख्य मुलाकात 13 मई 2026 को जेद्दा में हुई थी।

इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य क्या था?

इस मीटिंग का मकसद सऊदी-ब्रिटिश रिश्तों को बेहतर बनाना और मिडिल ईस्ट के क्षेत्र में तनाव को कम करके शांति और स्थिरता लाना था।