सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने लंदन में ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर से मुलाकात की है। इस बैठक में दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरू मध्य (Strait of Hormuz) में चल रहे तनाव और उसके आर्थिक नुकसान पर गंभीर चर्चा की। दोनों देशों ने साफ तौर पर कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग को राजनीतिक या आर्थिक फायदे के लिए बंद करना अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है।

सऊदी और ब्रिटेन की बैठक में क्या बड़े फैसले हुए?

सऊदी अरब और यूनाइटेड किंगडम के बीच हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई:

  • तारीख और बैठक: मंगलवार, 12 मई 2026 को लंदन में सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर के बीच यह मुलाकात हुई।
  • अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन: दोनों मंत्रियों ने जोर देकर कहा कि होर्मुज जलडमरू मध्य को बंद करने की कोई भी कोशिश अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है और इससे वैश्विक व्यापार को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
  • राजनयिक दबाव: ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर ने सोशल मीडिया पर बताया कि वह होर्मुज जलडमरू मध्य को दोबारा खुलवाने के लिए अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ मिलकर राजनयिक दबाव बनाने की दिशा में काम कर रही हैं ताकि जहाजों की आवाजाही सुचारू रूप से शुरू हो सके।

ब्रिटेन ने सुरक्षा के लिए कौन से सैन्य कदम उठाए हैं?

ब्रिटेन ने इस क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने 12 मई 2026 को होर्मुज जलडमरू मध्य में जहाजों की सुरक्षा के लिए खास सैन्य उपकरण भेजने का ऐलान किया है। इनमें ऑटोनामस माइन-हंटिंग उपकरण, काउंटर-ड्रोन सिस्टम, टाइफून जेट और विध्वंसक युद्धपोत HMS Dragon शामिल हैं। ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि HMS Dragon मध्य पूर्व की ओर रवाना हो चुका है।

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का क्या स्टेटस है?

हालिया घटनाक्रमों की बात करें तो 4 जून 2026 को ब्रिटेन और फ्रांस ने होर्मुज जलडमरू मध्य में एक बहुराष्ट्रीय माइन-क्लियरिंग मिशन की योजना को अंतिम रूप दिया है, जिसमें 15 देशों का गठबंधन शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, यह मिशन तभी शुरू होगा जब अमेरिका और ईरान के बीच जलमार्ग खोलने को लेकर कोई समझौता हो जाएगा। उधर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी ने 4 जून 2026 को कहा कि फिलहाल अमेरिका के साथ बातचीत में कोई प्रगति नहीं हुई है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 3 जून 2026 को बयान दिया था कि ईरान के साथ समझौता होते ही होर्मुज जलडमरू मध्य तुरंत खोल दिया जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

होर्मुज जलडमरू मध्य को लेकर सऊदी और ब्रिटेन क्यों चिंतित हैं?

होर्मुज जलडमरू मध्य वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके बंद होने से दुनिया भर में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है और महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है।

ब्रिटेन इस जलमार्ग की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रहा है?

ब्रिटेन ने इस क्षेत्र में नौपरिवहन की स्वतंत्रता सुरक्षित करने के लिए युद्धपोत HMS Dragon, काउंटर-ड्रोन सिस्टम, टाइफून जेट और माइन-हंटिंग सैन्य उपकरण तैनात करने का फैसला किया है।