Strait of Hormuz में चल रहे तनाव को लेकर सऊदी अरब और ब्रिटेन ने गहरी चिंता जताई है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan और ब्रिटेन की विदेश मंत्री Yvette Cooper के बीच लंदन में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है। इस बैठक में दोनों नेताओं ने जोर देकर कहा कि इस समुद्री रास्ते का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करना अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है। इस तनाव से वैश्विक व्यापार और आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।

Strait of Hormuz को लेकर सऊदी और ब्रिटिश विदेश मंत्री ने क्या कहा?

सऊदी अरब और ब्रिटेन के विदेश मंत्रियों के बीच हुई इस बैठक में समुद्री सुरक्षा को लेकर चर्चा हुई। दोनों मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत सभी देशों के जहाजों को इस मार्ग से सुरक्षित गुजरने का अधिकार है। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि इस vital waterway का उपयोग किसी भी प्रकार के राजनीतिक या आर्थिक दबाव के लिए नहीं होना चाहिए। इस बैठक में सऊदी अरब के राजदूत Prince Abdullah bin Khalid bin Sultan और विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल रहे।

ब्रिटेन ने सुरक्षा के लिए उठाए कौन से बड़े कदम?

तनाव को देखते हुए ब्रिटिश सरकार ने Strait of Hormuz में सुरक्षा बढ़ाने के लिए अपने अत्याधुनिक सैन्य उपकरण तैनात करने की घोषणा की है। ब्रिटेन ने समुद्र में जहाजों की सुरक्षा के लिए निम्नलिखित संसाधन भेजे हैं:

  • HMS Dragon: ब्रिटेन का एक शक्तिशाली विध्वंसक युद्धपोत (Destroyer) जो समुद्री मार्ग की निगरानी करेगा।
  • Typhoon Jets: ब्रिटेन के लड़ाकू विमान जो हवाई सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
  • सैन्य उपकरण: इसमें ऑटोनॉमस माइन-हंटिंग उपकरण और एडवांस काउंटर-ड्रोन सिस्टम शामिल हैं।

ब्रिटिश विदेश मंत्री Yvette Cooper ने बताया कि वे इस रास्ते को सुरक्षित रखने और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।

हाल ही में हुई झड़पों और ईरान के रुख पर क्या अपडेट है?

इस समुद्री मार्ग पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में 7 जून 2026 को अमेरिकी सेना ने Strait of Hormuz में अंतरराष्ट्रीय जहाजों को धमका रहे दो ईरानी ड्रोनों को मार गिराया था। इससे पहले 6 जून 2026 को अमेरिका ने ईरान के तटीय रडार केंद्रों पर भी हमले किए थे। दूसरी तरफ, ईरान का दावा है कि वह अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत ओमान के साथ मिलकर इस समुद्री मार्ग का प्रबंधन करेगा ताकि जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब और ब्रिटेन के विदेश मंत्रियों की बैठक कब और कहां हुई?

सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan और ब्रिटेन की विदेश मंत्री Yvette Cooper के बीच यह महत्वपूर्ण बैठक 12 मई 2026 को लंदन में हुई थी।

ब्रिटेन ने समुद्री सुरक्षा के लिए कौन से सैन्य संसाधन तैनात किए हैं?

ब्रिटेन ने सुरक्षा के लिए HMS Dragon युद्धपोत, Typhoon लड़ाकू विमान, काउंटर-ड्रोन सिस्टम और माइन-हंटिंग उपकरण तैनात किए हैं।

Strait of Hormuz को लेकर ईरान का क्या रुख है?

ईरान का दावा है कि यह मार्ग सुरक्षित आवाजाही के अंतर्गत आता है और वह ओमान के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार इसके प्रबंधन के अधिकार रखता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.