सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय ने 1448 AH के उमराह सीजन के लिए नया कैलेंडर जारी कर दिया है। अब जायरीन 31 मई 2026 से सऊदी अरब पहुंचना शुरू करेंगे और वीज़ा मिलना भी इसी दिन से शुरू होगा। सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने और आसान करने के लिए नए नियम लागू किए हैं ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।

उमराह 1448 AH की ज़रूरी तारीखें क्या हैं?

मंत्रालय द्वारा जारी किए गए कैलेंडर के मुताबिक, इस सीजन की समय-सीमा इस प्रकार तय की गई है:

  • वीज़ा और आगमन की शुरुआत: 31 मई 2026 से जायरीन सऊदी अरब आ सकेंगे।
  • मक्का प्रवेश और नुसुक परमिट: 1 जून 2026 से जायरीन मक्का में दाखिल हो सकेंगे और Nusuk ऐप के ज़रिए परमिट ले सकेंगे।
  • वीज़ा जारी करने की अंतिम तिथि: उमराह वीज़ा मिलने की आखिरी तारीख 9 मार्च 2027 रखी गई है।
  • सऊदी अरब में प्रवेश की डेडलाइन: जायरीनों को 23 मार्च 2027 तक किंगडम में प्रवेश करना होगा।
  • वापसी की अंतिम तिथि: सभी जायरीनों को 7 अप्रैल 2027 तक सऊदी अरब से वापस जाना होगा।

भारतीय जायरीनों और डिजिटल सेवाओं के लिए क्या नियम हैं?

इस बार के सीजन में कुछ अहम बदलाव किए गए हैं, जो खासतौर पर भारतीय नागरिकों और डिजिटल सेवाओं से जुड़े हैं। इनका पालन करना सभी के लिए ज़रूरी है:

  • भारतीय जायरीन: भारत से आने वाले लोगों के लिए उमराह वीज़ा के साथ अब एक प्री-लिंक्ड सर्विस पैकेज का होना अनिवार्य कर दिया गया है।
  • Nusuk ऐप की अनिवार्यता: मस्जिद अल-हरम में दाखिल होने और रौदा शरीफ़ के लिए अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए Nusuk ऐप का इस्तेमाल करना होगा।
  • Masar Nusuk प्लेटफॉर्म: बाहरी एजेंटों के लिए कॉन्ट्रैक्ट की प्रक्रिया अब डिजिटल होगी। इसमें QR कोड वेरिफिकेशन का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि कागज़ी कार्रवाई कम हो और काम तेज़ी से हो सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

उमराह 1448 AH सीजन के लिए वीज़ा की आखिरी तारीख क्या है?

हज और उमराह मंत्रालय के अनुसार, इस सीजन के लिए उमराह वीज़ा जारी करने की अंतिम तिथि 9 मार्च 2027 तय की गई है।

क्या भारतीय जायरीनों के लिए कोई विशेष नियम है?

हाँ, भारतीय जायरीनों के लिए अब उमराह वीज़ा के साथ एक प्री-लिंक्ड सर्विस पैकेज का होना ज़रूरी है।