सऊदी अरब की यूनिवर्सिटीज़ में काम करने वाले लैब टेक्नीशियन इन दिनों भारी आर्थिक तंगी से गुज़र रहे हैं। खबर है कि इन कर्मचारियों को पिछले तीन महीनों से तनख्वाह नहीं मिली है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि अपनी रोज़ाना की ज़रूरतें पूरी करने के लिए कई लोग अपना निजी सामान तक बेचने पर मजबूर हो गए हैं।
इस समस्या की वजह से शैक्षणिक सहयोग करने वाले इन कर्मचारियों के बीच काफी परेशानी है। वेतन न मिलने से उनके घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है, जिसका सीधा असर उनकी निजी ज़िंदगी पर पड़ा है।
सऊदी लेबर लॉ और वेतन नियम
सऊदी अरब के श्रम कानून के मुताबिक, हर कंपनी या संस्थान को समय पर वेतन देना होता है और यह पैसा बैंक ट्रांसफर के ज़रिए ही भेजा जाना चाहिए। वेतन में देरी करना गैरकानूनी माना जाता है। इसकी निगरानी के लिए Ministry of Human Resources and Social Development (MHRSD) ने Wage Protection System (WPS) और Mudad प्लेटफॉर्म बनाया है, जो बिना वेतन वाले कर्मचारियों की जानकारी अपने आप ट्रैक करता है।
वेतन में देरी होने पर कर्मचारियों के अधिकार
सऊदी सरकार ने वेतन न मिलने की स्थिति में कर्मचारियों को कुछ खास अधिकार दिए हैं, ताकि उन्हें परेशानी न हो:
- अगर वेतन लगातार दो महीने तक नहीं मिलता है, तो कर्मचारी बिना किसी नोटिस के अपनी नौकरी छोड़ सकता है और अपने एंड-ऑफ-सर्विस बेनिफिट्स (सेवा लाभ) ले सकता है।
- यदि वेतन तीन महीने से ज़्यादा लेट हो जाता है, तो प्रभावित कर्मचारी अपने मालिक की अनुमति के बिना ही दूसरी कंपनी में ट्रांसफर ले सकता है।
- Mudad सिस्टम में वेतन देरी होने के बाद मालिक को 10 दिनों का समय दिया जाता है कि वह इसकी वजह बताए।
- अगर कोई नियोक्ता वेतन देने में देरी करता है, तो उस पर प्रशासनिक जुर्माना लगाया जा सकता है और उसके वर्क परमिट जारी करने की सुविधा भी रोकी जा सकती है।
Najiz प्लेटफॉर्म से समाधान
अब कर्मचारियों के लिए अपनी बकाया तनख्वाह पाना आसान कर दिया गया है। Najiz प्लेटफॉर्म के ज़रिए इलेक्ट्रॉनिक रिक्वेस्ट भेजी जा सकती है। अगर किसी को 30 दिनों तक पूरा वेतन नहीं मिला या 90 दिनों तक अधूरा वेतन मिला, तो वह सीधे आवेदन कर सकता है। इसके बाद नियोक्ता के पास आपत्ति जताने के लिए केवल पांच दिन का समय होता है।
