सऊदी अरब ने लेबनान में रह रहे अपने नागरिकों को तुरंत वहां से निकलने की सलाह दी है। यह आदेश तब आया है जब इजराइल की सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। संयुक्त राष्ट्र ने भी चेतावनी दी है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो वहां बड़ा मानवीय संकट खड़ा हो सकता है।
सऊदी अरब ने अपने नागरिकों को लेबनान छोड़ने के लिए क्यों कहा?
Beirut में सऊदी दूतावास ने कहा है कि मौजूदा हालात और बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए नागरिकों का वहां से निकलना जरूरी है। सऊदी सरकार ने यह बात 27 और 28 मार्च 2026 को फिर से दोहराई। दूतावास ने यह भी याद दिलाया कि लेबनान की यात्रा पर पिछले कई सालों से पाबंदी लगी हुई है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को दूतावास से तुरंत संपर्क करने को कहा गया है।
लेबनान में मौजूदा हालात और मानवीय संकट
लेबनान के दक्षिणी हिस्से में इस समय भारी तनाव है। इजरायली सेना ने लिटानी नदी के दक्षिण के इलाके पर कब्जा करने के लिए हजारों सैनिक भेजे हैं। इस लड़ाई की वजह से बड़ी संख्या में लोग बेघर हुए हैं और हालात काफी खराब हैं। नीचे दी गई टेबल में पूरी जानकारी देखें:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| सऊदी एडवाइजरी तारीख | 27 और 28 मार्च 2026 |
| पिछली चेतावनी | 11 मार्च 2026 |
| इजराइल का टारगेट | लिटानी नदी का दक्षिणी इलाका |
| सीमा से दूरी | करीब 30 किलोमीटर उत्तर |
| बेघर हुए लोग | 10 लाख से ज्यादा |
| विस्थापन की शुरुआत | 2 मार्च 2026 |
| UNHCR की मांग | 60 मिलियन डॉलर से ज्यादा |
