सऊदी अरब ने अपने विज़न 2030 के तीसरे और आखिरी चरण की शुरुआत कर दी है. सरकार ने 2025 की सालाना रिपोर्ट जारी की है जिसमें देश की आर्थिक तरक्की और बड़े सुधारों का ब्यौरा दिया गया है. जहाँ एक तरफ अर्थव्यवस्था मज़बूत हो रही है, वहीं दूसरी तरफ अवैध तरीके से रह रहे प्रवासियों के खिलाफ सरकार ने बहुत सख्त रुख अपनाया है.

विज़न 2030 के तहत 2025 में क्या-क्या उपलब्धियां रहीं?

Crown Prince Mohammed bin Salman ने बताया कि देश की महत्वाकांक्षा अब हकीकत में बदल रही है. 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, विज़न 2030 के 93 प्रतिशत लक्ष्य पूरे हो चुके हैं. अब तीसरा चरण डिलीवरी को तेज़ करने और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर फोकस करेगा. अर्थव्यवस्था से जुड़े मुख्य आंकड़े नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं.

मुख्य बिंदु विवरण / आंकड़ा
कुल जीडीपी (Real GDP) 1.31 ट्रिलियन डॉलर
गैर-तेल जीडीपी योगदान 55 प्रतिशत
निजी क्षेत्र का योगदान 51 प्रतिशत
विदेशी निवेश (FDI) 35.5 बिलियन डॉलर
PIF की संपत्ति 909.7 बिलियन डॉलर
छोटे और मध्यम उद्योग (SME) 1.7 मिलियन से ज़्यादा
महिला श्रम भागीदारी 35 प्रतिशत
बेरोजगारी दर 7.2 प्रतिशत
कुल पर्यटक 123 मिलियन

प्रवासियों के लिए क्या हैं नए अपडेट और नियम?

सऊदी अरब में रह रहे प्रवासियों, खासकर भारतीय समुदाय के लिए यह ज़रूरी है कि वे कानून का सख्ती से पालन करें. हाल ही में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 अप्रैल से 22 अप्रैल 2026 के बीच 12,192 अवैध निवासियों को गिरफ्तार किया है. इन लोगों ने रेजिडेंसी, बॉर्डर सिक्योरिटी और लेबर कानूनों का उल्लंघन किया था. वर्तमान में 33,223 प्रवासी कानूनी प्रक्रियाओं से गुज़र रहे हैं.

नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना:

  • अवैध प्रवासियों को नौकरी, घर या ट्रांसपोर्ट देने वालों को 15 साल तक की जेल हो सकती है.
  • ऐसे मामलों में 10 लाख रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
  • जुर्म में इस्तेमाल होने वाले घर या गाड़ी को सरकार ज़ब्त कर लेगी.

इस बीच, प्रवासियों द्वारा अपने देश भेजे जाने वाले पैसे यानी रेमिटेंस में बढ़ोतरी देखी गई है. दिसंबर 2024 में गैर-सऊदी प्रवासियों ने 3.58 बिलियन डॉलर भेजे, जो पिछले समय के मुकाबले 23 प्रतिशत ज़्यादा थे.