सऊदी अरब अब अपने खाने-पीने और पानी की जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनने की तैयारी में है। Saudi Vision 2030 के तहत सरकार ने एक ऐसी रणनीति बनाई है जिससे देश में खेती-बाड़ी को बढ़ावा मिले और बाहर से आयात पर निर्भरता कम हो। इसका सीधा असर वहां रहने वाले लोगों और प्रवासियों पर पड़ेगा क्योंकि इससे बाजार में ताजी चीजों की उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतें स्थिर रहेंगी।

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सऊदी अरब में किन चीजों का उत्पादन बढ़ा और क्या है ताजा स्थिति?

सऊदी अरब ने कई खाद्य उत्पादों में आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है। डेयरी उत्पाद, झींगा मछली, अंडे और खजूर जैसे सामान अब देश में ही पर्याप्त मात्रा में तैयार हो रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, खजूर के उत्पादन में 119 प्रतिशत और झींगा मछली में 147 प्रतिशत की आत्मनिर्भरता मिली है।

  • सब्जियां: बैंगन 107 प्रतिशत, खीरा 102 प्रतिशत और जुकिनी 100 प्रतिशत आत्मनिर्भरता तक पहुंच गए हैं। टमाटर 76 प्रतिशत और प्याज 51 प्रतिशत तक पहुंचे हैं।
  • पशु उत्पाद: डेयरी उत्पाद 129 प्रतिशत और अंडे 100 प्रतिशत आत्मनिर्भर हैं। पोल्ट्री मांस 71 प्रतिशत और रेड मीट 61 प्रतिशत स्तर पर है।
  • मछली पालन: एक्वाकल्चर प्रोजेक्ट्स का उत्पादन 2016 में 40,000 टन था, जो 2024 में बढ़कर 246,000 टन हो गया है।

खेती और खाद्य सुरक्षा के लिए कितना पैसा खर्च किया जा रहा है?

सरकार और निजी कंपनियां इस क्षेत्र में भारी निवेश कर रही हैं। Ministry of Environment, Water and Agriculture के जरिए कृषि विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। कृषि क्षेत्र का देश की जीडीपी (GDP) में योगदान भी बढ़ा है।

विवरण राशि/आंकड़ा समय/स्थिति
कृषि क्षेत्र का GDP योगदान 109 अरब सऊदी रियाल 2023
कृषि क्षेत्र का GDP योगदान 114 अरब सऊदी रियाल 2024
Agricultural Development Fund से लोन 5 अरब सऊदी रियाल 2018 से 2024
निजी कंपनियों (Almarai, Tanmiah, NADEC) का निवेश 24.5 अरब सऊदी रियाल आने वाले वर्ष

नई तकनीक और सरकारी नियम कैसे बदलेंगे खेती का तरीका?

पर्यावरण, जल और कृषि मंत्री Engineer Abdul Rahman bin Abdul Mohsen Al-Fadhli ने बताया है कि सऊदी अरब अपनी राष्ट्रीय नीतियों में खाद्य और जल सुरक्षा को बहुत महत्व दे रहा है। कृषि इंजीनियर Eng. Abdullah Al-Ghanmi के अनुसार, Hydroponics जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे बिना मिट्टी और कम पानी के रेगिस्तानी इलाके में भी खेती संभव हो पाई है।

वहीं पोषण विशेषज्ञ Mohammed Asiri ने कहा है कि सभी प्रतिष्ठानों को सरकार द्वारा तय स्वास्थ्य मानकों का पालन करना होगा ताकि खाने की गुणवत्ता और पोषण बना रहे। सरकार का लक्ष्य अब खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना और बर्बादी को कम करना है ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए संसाधन सुरक्षित रहें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब में किन फसलों में सबसे ज्यादा आत्मनिर्भरता मिली है?

सऊदी अरब में खजूर (119%), बैंगन (107%) और खीरा (102%) जैसी फसलों में सबसे ज्यादा आत्मनिर्भरता हासिल हुई है।

खेती के लिए कौन सी नई तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है?

सऊदी अरब में Hydroponics तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कम पानी में और बिना मिट्टी के खेती करना संभव हो गया है।