सऊदी अरब ने अपने सबसे बड़े लक्ष्य विजन 2030 के तीसरे और आखिरी फेज की शुरुआत कर दी है। यह आखिरी चरण 2026 से 2030 तक चलेगा। सरकार अब काम की रफ्तार बढ़ाने और प्राइवेट सेक्टर की भूमिका को और ज्यादा बड़ा करने पर जोर दे रही है ताकि अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।

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विजन 2030 के तीसरे फेज में क्या होगा खास?

Council of Economic and Development Affairs (CEDA) की बैठक में विजन 2030 की अब तक की उपलब्धियों की समीक्षा की गई। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने बताया कि यह आखिरी फेज राष्ट्रीय कार्यक्रमों और रणनीतियों को लागू करने का सबसे मुख्य समय होगा। इस दौरान सरकार अपना कैपिटल खर्च जारी रखेगी और Public Investment Fund (PIF) व National Development Fund के जरिए निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।

प्राइवेट सेक्टर और निवेश के लिए क्या नए नियम हैं?

सरकार अब प्राइवेट कंपनियों को अर्थव्यवस्था चलाने में बड़ी भूमिका देना चाहती है। इसके लिए National Privatization Strategy बनाई गई है जिससे सरकारी संपत्तियों का ट्रांसफर तेजी से होगा और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप बढ़ेगी। PIF ने अपना नया стратегия 2026-2030 के लिए मंजूर कर लिया है, जिसका लक्ष्य निवेश की क्षमता बढ़ाना और दुनिया भर के पार्टनर्स को सऊदी अरब से जोड़ना है।

विजन 2030 की प्रगति से जुड़े कुछ मुख्य आंकड़े नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं:

विवरण आंकड़े/जानकारी
नॉन-ऑयल GDP (2025) 55%
प्राइवेट सेक्टर का GDP में योगदान (2025) 51%
विदेशी निवेश (FDI) 2025 35.5 बिलियन डॉलर
पूरे हुए मुख्य लक्ष्य (KPIs) 93%
ट्रैक पर चल रहे प्रोजेक्ट्स 90%
क्षेत्रीय मुख्यालय बनाने वाली कंपनियां 700 से ज्यादा
PIF एसेट लक्ष्य (2030 तक) 10 ट्रिलियन रियाल

किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज ने कहा कि सऊदी अरब एक उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रहा है और पिछले एक दशक की तरक्की ने देश को विकास का एक बड़ा मॉडल बना दिया है।