सऊदी अरब में महिलाओं की भूमिका अब पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है. Crown Prince Mohammed Bin Salman द्वारा शुरू किए गए Vision 2030 की वजह से महिलाएं अब देश के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं. समाज सेवा से लेकर बिजनेस तक, हर जगह महिलाओं को नए मौके मिल रहे हैं.

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नॉन-प्रॉफिट सेक्टर में बड़ी बढ़त

सरकार का लक्ष्य है कि समाज सेवा और नॉन-प्रॉफिट सेक्टर का देश की जीडीपी (GDP) में योगदान 1% से बढ़ाकर 5% किया जाए. इसके लिए लगातार काम चल रहा है. साथ ही, पहले जहाँ सिर्फ 11 हजार लोग वॉलेंटियर के तौर पर काम करते थे, अब सालाना 10 लाख वॉलेंटियर्स को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है ताकि आम लोग समाज की मदद के लिए आगे आएं.

कानून में बदलाव और आजादी

महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के लिए कई पुराने नियमों को बदला गया है. 2017 में ड्राइविंग बैन हटाया गया और महिलाओं की सुरक्षा के लिए उत्पीड़न विरोधी कानून लाए गए. Civil Status Law में बदलाव के बाद अब महिलाएं बिना किसी पुरुष गार्डियन के यात्रा कर सकती हैं और अपना बिजनेस खुद मैनेज कर सकती हैं.

नौकरी और बिजनेस में हिस्सेदारी

कामकाजी महिलाओं की संख्या में भी भारी उछाल आया है. साल 2016 में महिलाओं की लेबर फोर्स में भागीदारी 23.2% थी, जो 2022 तक बढ़कर 34.4% हो गई. यह सरकारी लक्ष्य 30% से भी ज्यादा है. इसके अलावा, अब छोटे और मध्यम स्तर के बिजनेस (SME) में 45% मालिकाना हक महिलाओं के पास है.

विवरण पुराना आंकड़ा / लक्ष्य नया आंकड़ा / स्थिति
जीडीपी में योगदान (Non-profit) 1% से कम 5% (लक्ष्य 2023 तक)
सालाना वॉलेंटियर्स 11,000 10 लाख (लक्ष्य)
महिला लेबर फोर्स भागीदारी 23.2% (2016) 34.4% (2022)
छोटे बिजनेस (SME) मालिकाना हक 45%
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.