सऊदी अरब के जनरल डायरेक्टोरेट ऑफ पासपोर्ट्स (الجوازات) ने विजिट वीज़ा धारकों के लिए एक ज़रूरी चेतावनी जारी की है। सभी तरह के विजिट वीज़ा रखने वाले लोगों को 1 धुल-क़ादा यानी 18 अप्रैल 2026 तक सऊदी अरब छोड़ना होगा। अगर कोई इस तारीख के बाद भी रुकता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह नियम उन सभी प्रवासियों और यात्रियों पर लागू होगा जो अभी विजिट वीज़ा पर सऊदी में मौजूद हैं।

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विजिट वीज़ा धारकों के लिए क्या हैं नियम?

सऊदी सरकार ने साफ़ कर दिया है कि 18 अप्रैल 2026 तक सभी विजिट वीज़ा धारकों को देश से बाहर जाना होगा। जिन लोगों का वीज़ा 25 या 26 फरवरी 2026 को खत्म हो चुका है, उनके लिए सरकार ने कुछ विकल्प दिए हैं ताकि वे बिना परेशानी के वापस जा सकें। ऐसे लोग या तो अपने होस्ट के ज़रिए Absher प्लेटफॉर्म पर जाकर वीज़ा बढ़ा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें तय फीस देनी होगी। या फिर वे बिना कोई जुर्माना दिए और बिना वीज़ा बढ़ाए सीधे इंटरनेशनल एग्जिट पॉइंट से देश छोड़ सकते हैं।

नियम तोड़ने पर कितना लगेगा जुर्माना?

सऊदी सरकार ने मक्का और पवित्र स्थलों पर विजिट वीज़ा धारकों को ठहराने के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है। 18 अप्रैल से 31 मई 2026 के बीच ऐसा करने वालों पर भारी जुर्माना लग सकता है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि विजिट वीज़ा धारक अवैध तरीके से हज न कर सकें। साथ ही स्पॉन्सर्स की ज़िम्मेदारी भी बढ़ाई गई है। अगर कोई स्पॉन्सर ओवरस्टे करने वाले विजिटर की जानकारी नहीं देता है, तो उसे जेल और जुर्माने का सामना करना होगा।

उल्लंघन का प्रकार संभावित जुर्माना और सज़ा
पवित्र स्थलों पर विजिटर को ठहराना 1,00,000 रियाल तक जुर्माना
ओवरस्टे की रिपोर्ट न करना (स्पॉन्सर) 50,000 रियाल जुर्माना और 6 महीने जेल
गैर-सऊदी निवासी स्पॉन्सर की गलती जुर्माने के साथ डिपोर्टेशन (देश निकाला)
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.