जेद्दा में सऊदी वॉटर वीक की शुरुआत हो चुकी है। इस कार्यक्रम का मकसद दुनिया भर में पानी की सुरक्षा और उसके सही मैनेजमेंट से जुड़ी चुनौतियों पर बात करना है। सऊदी अरब के पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय ने इस बड़े आयोजन की जिम्मेदारी संभाली है ताकि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से पानी की समस्या का हल निकाला जा सके।

यह आयोजन 28 जून से 2 जुलाई 2026 तक जेद्दा में चलेगा। इस खास हफ्ते में अलग-अलग देशों के बड़े अधिकारी, रिसर्च करने वाले लोग और प्राइवेट कंपनियों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य पानी के संसाधनों को सुरक्षित रखना और भविष्य के लिए टिकाऊ समाधान ढूंढना है।

सऊदी अरब में पानी के क्षेत्र में हुए बड़े बदलाव

सऊदी के पर्यावरण, जल और कृषि मंत्री अब्दुलरहमन अब्दुलमोहसिन अलफदली ने बताया कि सऊदी विजन 2030 के तहत पानी के क्षेत्र में बड़े सुधार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों में पानी के इस्तेमाल और उत्पादन में काफी बदलाव आया है।

विवरण पहले (2016) अब/लक्ष्य (2025)
गैर-नवीकरणीय भूजल का इस्तेमाल 21 अरब क्यूबिक मीटर 11 अरब क्यूबिक मीटर
समुद्र के पानी से उत्पादन (प्रति दिन) 9 मिलियन क्यूबिक मीटर 16 मिलियन क्यूबिक मीटर
कुल निजी निवेश 60 अरब सऊदी रियाल

मुख्य कार्यक्रम और बैठकें

इस वॉटर वीक के दौरान दो बहुत बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें 7वां अरब वॉटर फोरम शामिल है और साथ ही 11वें वर्ल्ड वॉटर फोरम 2027 की तैयारी के लिए एक अहम मीटिंग हो रही है। बता दें कि 2027 का वर्ल्ड वॉटर फोरम रियाद में आयोजित होगा।

इस पूरे प्रोग्राम की खास बातें नीचे दी गई हैं:

  • कुल 97 से ज्यादा चर्चा सत्र और वर्कशॉप आयोजित किए जाएंगे।
  • एक बड़ी प्रदर्शनी लगाई गई है जहाँ पानी बचाने की नई तकनीक और स्मार्ट सॉल्यूशंस दिखाए जा रहे हैं।
  • मिस्र के जल संसाधन मंत्री हानी सेविलम और सीरिया के कृषि मंत्री बासेल अल-सुवाइदान भी इस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं।
  • मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय पार्टनर्स के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों (MOUs) पर साइन किए जाएंगे।

इस आयोजन के जरिए सऊदी अरब दुनिया को यह बताना चाहता है कि कैसे नई तकनीक और सही प्लानिंग से पानी की किल्लत को दूर किया जा सकता है।