सऊदी अरब में मौसम का मिजाज बदल गया है और मौसम विभाग ने देश के 5 बड़े इलाकों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। इस वजह से धूल भरी आंधियां चलने और विजिबिलिटी कम होने का खतरा है। इससे आम लोगों और सफर करने वालों को काफी परेशानी हो सकती है।

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किन इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है?

सऊदी नेशनल सेंटर ऑफ मीटियोरोलॉजी ने तबुक, अल-जौफ और नॉर्दर्न बॉर्डर के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही रियाद, Hail और मदीना में भी तेज हवाएं चलने की उम्मीद है। पूर्वी इलाके में धूल के कणों की वजह से विजिबिलिटी घटकर 3 से 5 किलोमीटर तक रह सकती है।

ड्राइवरों और यात्रियों के लिए क्या चेतावनी है?

  • देश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में हवा की रफ्तार 48 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
  • उत्तर और पूर्व के हाईवे पर गाड़ी चलाने वालों को बहुत सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
  • धूल की वजह से सड़क पर विजिबिलिटी कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

पिछला मौसम अपडेट क्या था?

14 मई को भी जज़ान, मक्का और असिर जैसे इलाकों में धूल भरी हवाएं चली थीं। इसके अलावा अल-जौफ और नॉर्दर्न बॉर्डर में भी ऐसी स्थिति देखी गई थी, जहां कुछ जगहों पर गरज के साथ बारिश भी हुई थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी के किन शहरों में सबसे ज्यादा असर होगा?

तबुक, अल-जौफ और नॉर्दर्न बॉर्डर में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी है। इसके अलावा रियाद, Hail और मदीना में भी तेज हवाएं चलेंगी।

हवा की रफ्तार कितनी रहने का अनुमान है?

सऊदी अरब के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में हवा की रफ्तार 48 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.